Gulzar साहब की इन Books को अगर नहीं पढ़ा तो क्या पढ़ा!

रावी पार,रात पशमीने की से लेकर पुखराज तक, एसी ही अनगिनत खूबसूरत लेख लिखें हैं Gulzar साहब ने, इस लेख में हम उन्हीं के बारे में बात करने वाले हैं।

Gulzar साहब की इन Books को अगर नहीं पढ़ा तो क्या पढ़ा!
Best Books by Gulzar

शेरो, शायरी और अगर कविता का ख्याल ज़हन में आता है, तो गुलज़ार साहब का नाम सबसे पहले याद आता है। कम शब्दों में भारी बात कह देने वाले, गुलज़ार हर कला एवं साहित्य  प्रेमी के दिलों पर राज करते हैं। गुलज़ार की रचनाएं बेहद सरल एवं आम बोल-चाल की भाषा में हैं, जिस वजह से इन्हें समझना लोगों के लिए बहुत आसान हो जाता है। Gulzar की Books का दायरा बहुत बड़ा है, वो एक लिरिसिस्ट, फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराईटर और लेखक हैं। जो लोग उर्दू के जानकार नहीं हैं, गुलज़ार ने उन्हें भी शायरियों से रूबरु कराया है। वो हर बार एक नयी रचनात्मक दृष्टी के साथ आते हैं, उनकी रचनाएं प्रेम, दुख, सामाजिक दिक्कतें, जीवन के हर एक पहलु से राबता रखती हैं। अगर आप भी गुलज़ार की रचनाओं को करीब से जानना चाहते हैं तो उनकी ये किताबें आपको अवश्य पढ़नी चाहिए।

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  • Raat Pashmine Ki (Hindi)

    गुलज़ार की कलम से निकली ये किताब, कविताओं का एक खूबसूरत संकलन है। ये किताब पाठक को एक अनोखा साहित्यिक अनुभव कराती है। सुंदर, सरल भाषा में लिखी ये Book रोमैंटिसिज़्म और मिसिटिसिज़्म पर भी बेस्ड है। लेखक ने अपने गहरे और विचारशील खयालों के साथ इस किताब को आकार दिया है। इस किताब में मिलेगा आपको कविता का जादू और भाषा का सौंदर्य। इस किताब के पन्नों के बीच से गुलज़ार की कुछ पंक्तियां -

    • उम्मीद भी है,घबराहट भी कि लोग क्या कहेंगे, और इससे बड़ा डर यह है कहीं एसा न हो कि लोग कुछ भी न कहें 


    रिव्यू -

    रीडर्स के रिव्यू की बात करें तो पाठकों ने Amazon पर इस किताब को 5 में से 4.4 स्टार्स दिए हैं। लोगों को गुलजार की लेखनी काफी अचछी लगी है और उनकी दिल को छू जाने वाली कविताएं और नज्मों ने भी उन्हें अपना कायल बना दिया।

    01
  • RAAVI PAAR (HINDI) PB

    रावी पार गुलजार द्वारा लिखी गई लघु कहानियों का एक संगम है। इस किताब में छोटी-छोटी कहानियाँ हैं जो मानव जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर आधारित हैं। इसमें प्रेम, दुख, पीड़ा, दिल टूटना, गुस्सा, चिंता और भय जैसी मानव भावनाओं को व्यक्त किया गया है। इसमें एक ऐसी कहानी है जिसमें विभाजन के दंश को दिखाया गया है। वही दूसरी कहानी ऐसी है जहाँ पर फिल्मों के नायक दिलीप कुमार एक लड़की का दिल तोड़ देते हैं। एक कहानी ऐसी है जहाँ पर एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को ट्रेन में से धक्का मार देता है। कुल मिलाकर ये कहानियाँ बहुत ही गहराई से इंसान के मन के अंदर चलने वाली भावनाओं का वर्णन करती हैं और इसीलिए ये पाठक के मन को भा जाती हैं।

    रिव्यू -

    रीडर्स को ये किताब अपनी सरलता के लिए बेहद पसंद आई है। साधारण भारतीय विषयों पर आधारित ये कहानियाँ पाठकों को बहुत रिलेटेबल लगीं, इस किताब की भाषा उनके अंदरूनी ख्यालों और विचारों को व्यक्त करती है।

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  • Our Core Values

    Transparent, Honest Reviews

    We provide straightforward insights into each product’s strengths and weaknesses, so you can make confident, informed decisions.

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  • Neglected Poems GULZAR

    60 कविताओं के इस संकलन को गुलजार ने नाम दिया “Neglected Poems”। अपनी डायरी में लिखी कविताओं को उन्होंने इस किताब में शामिल किया है। ये कविताएँ मनोविज्ञान, प्रकृति और डेली लाइफ के विषय को बड़ी ही बारीकी से बतलाती हैं। ये किताबें गुलजार की कल्पनाशील और रचनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। उनकी ये "Neglected Poems" महज नाम की ही neglected हैं, क्योंकि ये अपने अंदर संजोती हैं ज्ञान और विचारों का एक गहरा सागर।

    रिव्यू -

    Amazon पर पाठकों को ये किताब अपनी सादगी और अपरंपरागत स्वभाव के लिए अत्यंत अच्छी लगी है। ये कविताएँ आम भाषा में लिखी हुई हैं, जो इसे समझने में आसान बनाती हैं।

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  • Lekin

    लेकिन, ये एक मामूली किताब नहीं है, ये आज के आधुनिक दौर में और आधुनिक तकनीकों पर गहरे और भारी भरकम सवाल करती है। ऐसे सवाल जिन्हें नकारना मुश्किल है। अगर एक बार पाठक पर इसकी रवानगी चढ़ गई तो वो जल्दी उतरती नहीं, क्योंकि गहरे सवालों और विचारों से भरपूर ये किताब मानव चित्त पर एक बहुत गहरी छाप छोड़ती है। गुलजार की इस किताब पर इसी नाम के साथ 1990 में एक फिल्म बनी थी, जिसमें विनोद खन्ना और डिंपल कापड़िया ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 

    रिव्यू -

    पाठकों के इस पर मिक्स्ड रिव्यूज़ मिले हैं, कुछ को ये किताब और इसकी कहानी बहुत पसंद आई, वहीं कुछ लोगों को ये उतनी खास नहीं लगी।

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  • Pukhraj

    पुखराज नामक ये किताब गुलजार की कविताएँ, उनके डायलॉग्स, उनके स्क्रिप्ट्स और उनके गानों का एक संग्रह है। ये किताब उनके साहित्यिक और रचनात्मक जीवन को सेलिब्रेट करती है। ये पाठकों को उनसे और ज़्यादा बेहतरीन तरीके से रुबरु कराती है। इसमें प्यार से लेकर संघर्ष के विषय पर कविताएँ शामिल हैं।

    रिव्यू -

    पाठकों को ये किताब बेहद पसंद आई है।

    05

गुलजार साहब एक सदाबहार लेखक और कवि हैं। वो केवल पुराने ज़माने के ही नहीं, बल्कि नए ज़माने में GenZ के बीच भी काफी मशहूर हैं। अपने गानों, फिल्मों, नज़्मों और Books के लिए विख्यात Gulzar साहब समाज के हर तबके के मनुष्य के दिल की आवाज़ को बयान कर देते हैं।

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Faq's

  • गुलज़ार का असली नाम क्या है ?
    गुलज़ार का असली नाम सम्पूर्ण सिंह कालरा है।
  • गुलज़ार द्वारा लिखे गए गाने कौन से हैं ?
    मुसाफिर हूं यारों, आपकी आंखों में कुछ, तुम आ गए हो नूर आ गया है गुलज़ार द्वारा लिखे गए कुछ प्रसिद्ध गाने हैं।
  • गुलज़ार की फेमस फिल्में कौन सी हैं ?
    माचिस, मौसम, कोशिश गुलज़ार द्वारा निर्मित कुछ फेमस फिल्में हैं।
  • क्या गुलज़ार को कभी ऑस्कर मिला है ?
    जी हां गुलज़ार को ए आर रहमान के साथ जय हो गाने के लिए ऑस्कर से नवाज़ा गया था।