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Maa Saraswati Aarti 2026: बसंत पंचमी के दिन करें मां सरस्वती की आरती, सफलता के साथ सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का पर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जा रहा है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी की है। इस खास दिन मां सरस्वती की पूजा और आरती करने का विधान है। माना जाता है कि इससे विद्या की देवी की कृपा प्राप्त होती है। 
Editorial
Updated:- 2026-01-22, 15:01 IST

हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। पंचांग के हिसाब से हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह खास त्योहार मनाया जाता है। इस बार 23 जनवरी, 2026 को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। ये त्योहार बसंत के आगमन का उत्सव है। इस दिन पीले कपड़े पहनने और मां को पीले फूल अर्पित करने की परंपरा है। बसंत पंचमी को शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इस दिन लोग नए काम शुरू करते हैं, विवाह करते हैं और गृह प्रवेश करते हैं। अब ऐसे में अगर आप बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं तो आरती करने का भी विधान है। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से मां सरस्वती की आरती के बारे में जानते हैं। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से मां सरस्वती की आरती के बारे में जानते हैं।

मां सरस्वती की आरती यहां पढ़ें

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जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
जय सरस्वती माता॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी॥
जय सरस्वती माता॥

बाएं कर में वीणा,दाएं कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला॥
जय सरस्वती माता॥

देवी शरण जो आए,उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी,रावण संहार किया॥
जय सरस्वती माता॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि,ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह अज्ञान और तिमिर का,जग से नाश करो॥
जय सरस्वती माता॥

धूप दीप फल मेवा,माँ स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता,जग निस्तार करो॥
जय सरस्वती माता॥

माँ सरस्वती की आरती,जो कोई जन गावे।
हितकारी सुखकारीज्ञान भक्ति पावे॥
जय सरस्वती माता॥

जय सरस्वती माता,जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
जय सरस्वती माता

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मां सरस्वती की आरती करने के बाद करें इस मंत्र का जाप

अगर आप मां सरस्वती की आरती कर लेते हैं तो इसके बाद आप इस मंत्र का जाप विशेष रूप से करें। इस मंत्र का जाप करने से सभी भक्तों को कार्यों में मनोरथ हासिल हो सकती है और मनोकामनाएं पूरी हो सकती है।

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  • सरस्वती मूल मंत्र- ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः।
  • सरस्वती पुराणोक्त मंत्र- या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां सरस्वती की आरती करने से मिलते हैं ये लाभ

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मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, और विद्या की देवी माना जाता है। उनकी आरती करने से व्यक्ति के ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है। मां सरस्वती की आरती करने से व्यक्ति को अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। मां सरस्वती की आरती करने से घर और मन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मां सरस्वती की आरती करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो व्यक्ति के जीवन को सुखमय बनाता है।

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