
बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। साल 2026 में बसंत पंचमी का यह शुभ अवसर 22 जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी होती है और प्रकृति का कण-कण देवी शारदा की वंदना करता प्रतीत होता है। छात्र-छात्राओं, संगीतकारों और लेखकों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है क्योंकि इस दिन मां सरस्वती की आराधना से ज्ञान के चक्षु खुलते हैं और वाणी में मधुरता आती है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि कैसे करें मां सरस्वती की पूजा और किन मंत्रों का करें जाप?
साल 2026 में मां सरस्वती की पूजा को विधि-विधान से करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। पीला रंग ज्ञान और ऊर्जा का प्रतीक है और माता सरस्वती को अत्यंत प्रिय है।

पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उनके साथ ही अपनी पुस्तकें, कलम और वाद्य यंत्र भी वहां रखें। पूजा की शुरुआत में मां को पीले फूलों की माला, पीले वस्त्र और पीले चंदन का तिलक लगाएं।
भोग में मां को पीली मिठाई जैसे बेसन के लड्डू, बूंदी या पीले मीठे चावल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर कलश स्थापना करें और गणेश जी की वंदना के साथ सरस्वती पूजन आरंभ करें। पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखना आवश्यक है।
अंत में आरती करके प्रसाद वितरण करें और गुरुओं व बड़ों का आशीर्वाद लें।
मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। साल 2026 की बसंत पंचमी पर आप इन सरल और शक्तिशाली मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं। मां सरस्वती का मूल मंत्र 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' का जाप करें।

मां सरस्वती से विद्या प्राप्त करने के लिए 'सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तुते।।' मंत्र का जाप करें। अपनी वाणी को प्रभावशाली बनाने के लिए 'ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का जाप करना श्रेष्ठ रहेगा।
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इन मंत्रों का उच्चारण करते समय शुद्धता का ध्यान रखें। अगर आप बहुत अधिक मंत्र याद नहीं रख सकते तो केवल 'ऐं' बीज मंत्र का जाप करना भी पर्याप्त और अत्यंत शुभ माना जाता है। इस एक बीज शब्द के जाप के समय अत्यंत शुद्धता का पालन आवश्यक है।
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