
बसंत पंचमी का त्योहार विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विद्यार्थियों, लेखकों और कलाकारों के लिए एक नई शुरुआत करने का सबसे शुभ अवसर होता है। आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती की आराधना करने से बुद्धि प्रखर होती है और करियर की बाधाएं दूर होती हैं। पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने का विशेष महत्व है, लेकिन बसंत पंचमी पर शुद्ध घी और कलावे की बत्ती का दीया जलाना अत्यंत फलदायी माना गया है। यह छोटा सा उपाय न केवल घर के वातावरण को शुद्ध करता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में ज्ञान का प्रकाश और सफलता की नई किरणें भी लेकर आता है। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।
शास्त्रों में गाय के शुद्ध घी को 'अमृत' के समान माना गया है। जब घी का दीपक जलता है तो उससे निकलने वाली ऊर्जा नकारात्मकता को खत्म करती है। वहीं, कलावा जिसे हम हाथ में बांधते हैं, वह रक्षा सूत्र कहलाता है और इसमें तीन मुख्य रंग या धागे होते हैं जो त्रिदेव और शक्तियों का प्रतीक हैं।
जब हम कलावे की बत्ती बनाकर घी का दीया मां सरस्वती के सम्मुख जलाते हैं, तो यह हमारी प्रार्थना को सीधा ईश्वरीय ऊर्जा से जोड़ता है। यह दीपक ज्ञान की देवी को समर्पित एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है जो आपके बुद्धि-विवेक की रक्षा करता है।

करियर में सफलता पाने के लिए एकाग्रता और सही निर्णय लेने की क्षमता बहुत जरूरी है। बसंत पंचमी पर जलाया गया यह विशेष दीपक आपके मस्तिष्क के 'आज्ञा चक्र' को प्रभावित करता है। घी की खुशबू और कलावे की ज्योति से मन शांत होता है और मानसिक तनाव कम होता है।
जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या जो पेशेवर लोग अपने कार्यक्षेत्र में तरक्की चाहते हैं, उनके लिए यह दीपक आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित होता है। माना जाता है कि इसकी लौ से निकलने वाली सकारात्मकता करियर में आ रहे 'भटकाव' को दूर कर लक्ष्य की ओर केंद्रित करती है।
बसंत पंचमी के दिन सुबह जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने एक तांबे या पीतल का दीपक रखें। रुई की साधारण बत्ती के बजाय सूती कलावे को काटकर उसकी बत्ती तैयार करें।
दीपक में गाय का शुद्ध देसी घी भरें और उसे उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके जलाएं। दीपक जलाते समय मां सरस्वती का ध्यान करें और 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का जाप करें। यह विधि आपके घर में विद्या और समृद्धि के द्वार खोलती है।

दीपक जलाने के साथ-साथ अगर आप इस दिन अपनी मुख्य पाठ्य-पुस्तक या कार्य से जुड़ी डायरी को मां सरस्वती के चरणों में रखते हैं तो उसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। घी के दीपक की रोशनी में कुछ देर बैठकर पढ़ना या अपने भविष्य की योजना बनाना शुभ होता है।
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image credit: herzindagi
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