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पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक, देशभर में प्रसाद के रूप में पकाई जाती हैं ये डिशेज

भारत में कई तरह के देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। साथ ही, उनके लिए कोई ना कोई भोग बनाया जाता है, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। 
Editorial
Updated:- 2024-08-17, 17:00 IST

पूरे भारत में देवताओं को चढ़ाया जाने वाला पवित्र प्रसाद वास्तव में भक्ति और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। अमूमन लोग किसी खास अवसर, त्योहार या व्रत के दौरान प्रभु के लिए भोग तैयार करते हैं। इसे बहुत सावधानी और श्रद्धा के साथ बनाया जाता है। जिसकी वजह से प्रसाद का स्वाद बेहद ही अलग होता है। वास्तव में, भारत के हर क्षेत्र में प्रसाद बनाने की अपनी अनूठी विधियां हैं, जो देश की विविध पाक परंपराओं को दर्शाती हैं। 

जहां उत्तर में प्रसाद में अक्सर मिठाइयां या अनाज से बनी डिशेज होती हैं, वहीं दक्षिण में आमतौर पर नारियल और गुड़ का उपयोग किया जाता है। तैयार प्रसाद से सबसे पहले लोग अपने इष्ट को भोग लगाते हैं और फिर उसे हर किसी के बीच बतौर प्रसाद वितरित किया जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको देश के अलग-अलग राज्यों में प्रसाद के रूप में बनने वाली कुछ डिशेज के बारे में बता रहे हैं-

कड़ा प्रसाद

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पंजाब में सिख समुदाय के लोग अधिक संख्या में रहते हैं। इसलिए वहां पर अमूमन प्रसाद के रूप में आपको कड़ा प्रसाद मिलेगा। यह वास्तव में मीठा सूजी का हलवा है, जिसे घी, चीनी, पानी और सूजी की मदद से तैयार किया जाता है। सिर्फ पंजाब ही नहीं, देशभर के हर गुरुद्वारे में कड़ा प्रसाद ही बतौर प्रसाद वितरित किया जाता है।

मोदक 

मोदक को मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बनाने की परंपरा है। इसे विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के त्यौहार के दौरान बनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मोदक भगवान गणेश की पसंदीदा मिठाई है। इसे आमतौर पर भाप में पकाया जाता है और इसमें चावल के आटे से बनी एक पतली व नाजुक बाहरी परत होती है। अंदर से इसे ताज़ा कसा हुआ नारियल और गुड़ के मिश्रण से भरा जाता है। मोदक को गणेश पंडालों में और गणेश चतुर्थी मनाने वाले सभी लोगों के घरों में, परिवार के सदस्यों और मेहमानों को परोसा जाता है।

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बूंदी के लड्डू

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यूं तो बूंदी के लड्डू बतौर प्रसाद आपको कई राज्यों में मिल जाएंगे। लेकिन वास्तव में यह राजस्थान में विभिन्न धार्मिक त्योहारों और समारोहों के दौरान परोसी जाने वाली एक पारंपरिक मिठाई है। इसे बेसन के घोल की मदद से बनाया जाता है, जिन्हें डीप-फ्राई करके चीनी की चाशनी में भिगोया जाता है। चाशनी के सोखने के बाद, बूंदी को लड्डू का आकारा दिया जाता है। इसे घर पर भी बनाया जाता है। कभी-कभी सिर्फ़ बूंदी को भी प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

पेड़ा 

पेड़ा को मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बनाया जाता है। अमूमन पेड़ा का भोग भगवान श्रीकृष्ण को चढ़ाया जाता है। मथुरा में मिलने वाले पेड़े तो दुनियाभर में मशहूर है। वैसे उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात में भी लोग प्रभु को पेड़ा का भोग लाते हैं। इसे खोया की मदद से बनाया जाता है, जिसमें इलायची का स्वाद बहुत ही अच्छा लगता है। अमूमन पेड़ा को मेवे से सजाया जाता है।

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पंचामृत

यूं तो पंचामृत को बिहार में बतौर प्रसाद वितरित करने की परंपरा है। लेकिन देश के कई राज्यों में पूजा व धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पंचामृत को ही वितरित किया जाता है। यह एक अनूठा प्रसाद है जो प्रकृति के पांच तत्वों का प्रतीक है। इसे पांच सामग्रियों - दूध, दही, घी, शहद और गुड़ या चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। पंचामृत पहले देवताओं को चढ़ाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया जाता है।

 

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Image Credit- freepik

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