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How to become City Magistrate in India

City Magistrate बनने की क्या होती है योग्यता? कौन सी परीक्षा करनी होती पास, यहां जानें

हाल ही में उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट ने UGC के नए रेगुलेशन 2026 के प्रति नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। चलिए जानते हैं सिटी मजिस्ट्रेट बनने की क्या होती है योग्यता?
Editorial
Updated:- 2026-01-28, 17:37 IST

How to become City Magistrate in India:हाल ही में उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम ने इस पद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों, विशेषकर UGC के नए रेगुलेशन 2026 पर नाराजगी जताते हुए विरोध दर्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियां एक वर्ग विशेष के खिलाफ हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन पर 'बंधक' बनाने और मानसिक दबाव डालने के भी गंभीर आरोप लगाए। सिटी मजिस्ट्रेट का पद किसी भी जिले के प्रशासन में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह अधिकारी शहर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने, अतिक्रमण हटाने और प्रशासनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है।

चलिए नीचे लेख में जानते हैं कि मजिस्ट्रेट बनने के लिए क्या पढ़ाई करनी होती है और कौन सी परीक्षा पास करने का नियम है?

सिटी मजिस्ट्रेट बनने के लिए जरूरी योग्यता

City Magistrate job description and powers

भारत में सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य रूप से दो तरीकों से नियुक्त किए जाते हैं एक प्रशासनिक PCS अधिकारी के रूप में और दूसरा Judicial Magistrate के रूप में। शहर के प्रशासनिक कार्यों को संभालने वाले सिटी मजिस्ट्रेट आमतौर पर राज्य सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं।

उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। हालांकि, मजिस्ट्रेट की न्यायिक शक्तियों को समझने के लिए कानून की डिग्री अतिरिक्त लाभ देती है।

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मजिस्ट्रेट बनने के लिए कौन सी परीक्षा पास करनी होती है?

सिटी मजिस्ट्रेट बनने के लिए आपको मुख्य रूप से राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पी.सी.एस. की परीक्षा पास करनी होती है। यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है।

  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  • मुख्य परीक्षा (Mains)
  • साक्षात्कार (Interview)

सिटी मजिस्ट्रेट की शक्तियां

How to become City Magistrate in India

सिटी मजिस्ट्रेट के पास धारा 144 लागू करने, दंगों के समय स्थिति को कंट्रोल करने और शहर के विकास कार्यों की निगरानी करने की शक्ति होती है, लेकिन जैसा कि अलंकार अग्निहोत्री के मामले में दिखा, इस पद पर अत्यधिक कार्यभार और प्रशासनिक दबाव भी होता है।

प्रशासनिक अधिकारी के लिए 'सर्विस कंडक्ट रूल्स' का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसका उल्लंघन करने पर इस्तीफा देने के बावजूद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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चयन होने के बाद, उम्मीदवार की सीधी नियुक्ति सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में नहीं होती बल्कि उसे पहले SDM के पद पर अनुभव प्राप्त करना होता है।

वरिष्ठता और प्रशासनिक कुशलता के आधार पर राज्य सरकार उन्हें शहर की कानून-व्यवस्था संभालने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त करती है।

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