
UGC Regulations 2026: वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था केवल डिग्रियां बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंपस के भीतर सामाजिक समानता और डिजिटल बदलावों को अपनाने की जद्दोजहद में लगी है। हाल ही में लागू हुए UGC रेगुलेशन 2026 की वजह से पूरे देश में विवाद और धरना प्रदर्शन शुरु हो चुका है। अब ऐसे में पहला सवाल जो मन में आता है कि यूजीसी बिल क्या है और दूसरा प्रश्न यह है कि इसका गठन कब और किसने किया था? आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि UGC की शुरुआत कैसे हुई और अभी तक किन-किन अधिकारियों ने इसकी बागडोर संभाली है?

UGC भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और मानकों को बनाए रखने वाली सर्वोच्च संस्था है। भारत में शिक्षा-व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य के साथ इसकी स्थापना का विचार साल 1944 में सार्जेंट रिपोर्ट से आया था।औपचारिक रूप से 28 दिसंबर 1953 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इसका उद्घाटन किया था। इसके बाद, 1956 में संसद द्वारा 'यूजीसी अधिनियम' पारित किया गया, जिसके तहत इसे एक वैधानिक निकाय का दर्जा मिला।
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| अध्यक्ष का नाम | कार्यकाल | विशेषता |
| डॉ. शांति स्वरूप भटनागर | 1953-1955 | यूजीसी के पहले अध्यक्ष और महान वैज्ञानिक |
| सी.डी. देशमुख | 1956-1961 | इनके समय में यूजीसी को कानूनी दर्जा मिला |
| डॉ. डी.एस. कोठारी | 1961-1973 | सबसे लंबा कार्यकाल; इन्होंने शिक्षा का आधुनिक ढांचा तैयार किया |
| डॉ. माधुरी आर. शाह | 1981-1986 | यूजीसी की पहली महिला अध्यक्ष |
| प्रो. यशपाल | 1986-1991 | इन्होंने 'बिना बोझ की शिक्षा' का विचार दिया |
| प्रो. सुखदेव थोराट | 2006-2011 | दलित और पिछड़े वर्गों की उच्च शिक्षा में भागीदारी पर जोर दिया |
| प्रो. एम. जगदीश कुमार | 2022-2025 | CUET प्रवेश परीक्षा और डिजिटल लर्निंग की शुरुआत की |
| विनीत जोशी | 2025 - वर्तमान | वर्तमान में कार्यवाहक/स्थायी अध्यक्ष के रूप में कमान संभाल रहे हैं |

जनवरी 2026 में यूजीसी ने 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026' अधिसूचित किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य कैंपस में जाति, धर्म और जेंडर के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करना है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में कई संगठनों ने इसे 'अगड़ी जातियों' के खिलाफ भेदभावपूर्ण कानून बताकर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया है। कुछ अधिकारियों ने तो इसके विरोध में अपने पदों से इस्तीफे तक दे दिए हैं।
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Image credit- shutterstcok
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