herzindagi
image

Kanchana Yadav Koun Hain: कौन हैं कंचना यादव? यूजीसी बिल पर टिप्पणी करने को लेकर आई चर्चा में

Opposition to UGC Equity Regulation 2026: यूजीसी बिल लागू होने के बाद पूरे देश में विवाद छिड़ चुका है। इस पर न केवल स्टूडेंट बल्कि बड़े-बड़े नेता और अधिकारी भी इस बिल का विरोध कर रहे हैं। UGC के नए नियमों का समर्थन करने को लेकर कंचना यादव के कारण चर्चा में हैं। आइए जानते हैं कौन हैं कंचना यादव?
Editorial
Updated:- 2026-01-29, 14:13 IST

UGC Equity Regulation 2026: वर्तमान में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में दिए गए अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा में हैं। जहां विपक्षी नेता और सवर्ण समाज के छात्र संगठन इस बिल को विभाजनकारी और सवर्ण समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं कंचना यादव ने इसके समर्थन में कुछ ऐसी बातें कहीं जिन्हें लेकर सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर तीखी बहस छिड़ गई है। आइए जानते हैं कौन हैं कंचना यादव,जिसकी हो रही है चर्चा?

कंचना यादव ने कहां से की है पढ़ाई?

 

 

 

View this post on Instagram

A post shared by Dr. Kanchana Yadav (@kanchanyadav000)

वर्तमान में कंचना यादव राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और बिहार की राजनीति में एक प्रखर युवा चेहरे के रूप में उभरी हैं। वह उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली हैं और अपनी PhD जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पूरी की है। उन्होंने वैज्ञानिक शोध के लिए CSIR फेलोशिप भी प्राप्त की है।

कंचना यादव का करियर

कंचना यादव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की एक तेज-तर्रार राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वे मुख्य रूप से ओबीसी अधिकारों, आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी बेबाक शैली के लिए जानी जाती हैं।

इसे भी पढ़ें- UGC Bill 2026 पर लगी रोक, आसान भाषा में यहां जानें क्या हैं नियम?

कंचना यादव यूजीसी बिल को लेकर क्या कहा?

 

 

 

View this post on Instagram

A post shared by Dr. Kanchana Yadav (@kanchanyadav000)

कंचना यादव के द्वारा दिया गया वह तर्क था जिसमें उन्होंने कहा कि "सवर्ण जातियों ने हजारों साल से राज किया है और अब पिछड़ों को सुरक्षा मिलनी चाहिए।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस कानून का गलत इस्तेमाल होगा, तो उनके कुछ बयानों को विरोधियों ने इस तरह पेश किया जैसे वे सवर्णों को सबक सिखाने या फंसाने की बात कह रही हों। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल सामाजिक न्याय और पिछड़ों के अधिकारों की बात कर रही हैं।

कंचना यादव ने इस मुद्दे को "तिलक, तराजू और तलवार" बनाम "पिछड़ा वर्ग" की लड़ाई के रूप में पेश किया, जिससे विवाद और गहरा गया।

इसे भी पढ़ें- UGC की शुरुआत कब और किसने की थी? अब तक किन-किन अधिकारियों ने संभाली बागडोर

 अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिंदगी के साथ

 Image Credit- instagram


यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।