
केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने का समय आने वाला है। हर साल अप्रैल या मई में केदारनाथ यात्रा की शुरुआत होती है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह मंदिर पूरे साल नहीं खुला रहता। भारी बर्फबारी और मौसम की वजह से सर्दियों में इस मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। जब भी मंदिर के कपाट खुलने का समय पास आता है, तो श्रद्धालुओं के बीच केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने की बात होती है, उनमें उत्साह और श्रद्धा दोनों बढ़ने लगते हैं। अगर आप भी इस साल केदारनाथ दर्शन के लिए जाना चाहती हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि ट्रेक करके जाएं या फ्लाइट से? तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको दोनों तरह से यात्रा करने के फायदे और नुकसान विस्तार से बताएंगे।
Kedarnath Temple के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु ट्रेक करके जाते हैं। यह यात्रा आस्था के साथ-साथ एक शारीरिक और मानसिक अनुभव के लिए भी अच्छी होती है, लेकिन पैदल यात्रा के फायदे और नुकसान अलग-अलग है।
आध्यात्मिक अनुभव ज्यादा मिलता है- अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, तो इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि पैदल सफर करना आपको आध्यात्मिक अनुभव ज्यादा करवाता है। पूरे रास्ते भोले के गीत सुनते और जयकारों का आवाद आपके मन में भक्ति और संतोष का अनुभव करवाती है। धीरे-धीरे चलते हुए मंदिर तक पहुंचने वाला अनुभव आप कभी नहीं भुला पाएंगी।
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केदारनाथ धाम का रास्ता खूबसूरत है और पूरे रास्ते आपको आस-पास बर्फ वाले पहाड़ों का नजारा भी देखने को मिलता है। रास्ते में पहाड़, नदियां और प्राकृतिक नजारे देखने के बाद आपका बार-बार यहां आने का मन करेगा। इस नजारे का अनुभव आपको हेलिकॉप्टर में नहीं मिलने वाला। पैदल सफर नहीं कर पा रही हैं, तो घोड़े या पालकी से भी जा सकती हैं, इससे भी रास्ते में आपको खूबसूरत नजारे करीब से देखने का मौका मिलता है।

पैदल सफर करने पर भले ही थकान ज्यादा होगी, लेकिन पालकी या हेलीकॉप्टर की तुलना में आप सस्ते में यात्रा कर पाएंगे। जो यात्री अपने पूरे परिवार के साथ यात्रा करने जा रहे हैं, उनके लिए बेस्ट है कि वह पैदल ही सफर करने पहुंचे। बुजुर्गों के लिए हेलिकॉप्टर की सुविधा अच्छी है, लेकिन अगर आप स्वस्थ हैं, तो आपको पैदल सफर का ही प्लान करना चाहिए।
हेलिकॉप्टर से सफर करना उनके लिए बेस्ट हो सकता है, जो कम समय में दर्शन करके वापस आना चाहते हैं। इसके अलावा, जो पैदल ट्रेक नहीं कर पाते, वह हेलिकॉप्टर से आरामदायक सफर का प्लान कर सकते हैं।
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