
महाशिवरात्रि का पर्व इस साल 16 फरवरी 2026 को मनाया जाने वाला है। इस खास पर्व में भक्त हर साल जगह- जगह भोलेनाथ के मंदिरों में दर्शन का प्लान बनाते हैं। यह दिन महादेव का सबसे खास दिन माना जाता है। इसलिए, लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए भोले बाबा के ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। इनमें से ही एक झारखंड के देवघर का मंदिर है। बैद्यनाथ धाम नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर, अपनी चमत्कारी कथाओं के लिए जाना जाता है। भक्तों का मानना है कि इस मंदिर में महादेव वैद्य रूप में पूजे जाते हैं। जो भी भक्त अपनी बीमारियों के निजात पाने के लिए महादेव का आर्शीवाद चाहता है, वह यहां आता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस मंदिर के बारे में जरूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे।
यह मंदिर झारखंड के देवघर में स्थित है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, इसलिए यहां पहुंचने के लिए आपको साधन की कमी नहीं मिलने वाली। आप ट्रेन, बस या अपनी गाड़ी से भी यहां पहुंच सकती हैं। ध्यान रखें कि महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की भीड़ यहां बहुत ज्यादा होती है। लोग लंबी लाइन में यहां सुबह से ही लग जाते हैं। इसलिए, अगर आप दर्शन के लिए जा रही हैं, तो समय का खास ध्यान रखें। इस दिन देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
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ट्रेन से- अगर आर दूर शहरों से यहां आने का प्लान कर रही हैं, तो पहले आपको देवघर पहुंचना होगा। आप देवघर रेलवे स्टेशन के लिए टिकट बुक करें। देवघर का कोड (DGHR) है। यहां तक के लिए आपको कई बड़े शहरों से टिकट मिल जाएगी। पटना, रांची और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से सीधी ट्रेन मिल जाती है। इसे महादेव के खूबसूरत मंदिर में से एक भी माना जाता है।
अगर आप प्लेन से आने का प्लान कर रही हैं, तो देवघर में एयरपोर्ट भी है। कई शहरों से यहां तक के लिए फ्लाइट मिलती है। यहां पहुंचने के बाद आप कैब या ऑटो लेकर मंदिर जा सकती हैं। ध्यान रखें कि मंदिर की दूरी यहां से लगभग 15 किमी पड़ सकती है। इसे भारत के अनोखे शिव मंदिर में से भी एक माना जाता है।
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अगर आप सड़क से यानी बस या अपनी गाड़ी से आना चाह रही हैं, तो भी आपको पहले देवघर का रूट लेना होगा। पटना, रांची, भागलपुर, धनबाद और कोलकाता जैसे शहरों से आपको सीधी बसें मिल जाएंगी। स्टेट हाइवे के जरिए प्राइवेट कार या टैक्सी भी मिलती है, जिससे आप यहां पहुंच सकती हैं।

सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक मंदिर खुला रहता है। दोपहर में 3:30 से शाम 5 बजे तक मंदिर बंद रहता है। इसलिए, अगर आप जाने का प्लान कर रही हैं, तो वीआईपी टिकट लेकर भी जा सकती हैं। बिना VIP टिकट के दर्शन करने में आपको लगभग 4 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। 300 रुपये VIP टिकट का प्राइस है।
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image credit- FREEPIK
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