
दिलवालों की दिल्ली यानी इतिहास और आधुनिकता का अनूठा संगम। जिसके एक किनारे इतिहास की कई कहानियां हैं, तो दूसरी तरफ जहां आधुनिकता ने शायद बाकी कई शहरों से पहले अंगड़ाई लेना शुरू किया था। दिल्ली में मॉल कल्चर की शुरुआत के साथ ही कई मॉल खुले थे और वहां जमकर चहल-पहल देखने को मिलती थी। हम बात कर रहे हैं लगभग 1998 की, उस वक्त दिल्ली का पहला आधुनिक शॉपिंग मॉल अंसल प्लाजा दक्षिणी दिल्ली में खुला था। इसे दिल्ली का पहला बड़ा और आधुनिक मॉल माना जाता था, जहां लगभग सभी बड़े ब्रांड्स थे और कई ऐसी सुविधाएं थीं, जिनकी उस वक्त दिल्ली में एंट्री नहीं हुई थी, लेकिन आज इस मॉल में सिर्फ सन्नाटा पसरा है। कभी दिल्ली की शान कहा जाने वाला यह मॉल आज डर, सन्नाटे और अंधेरे के साये में है। आखिर क्यों दिल्ली का पहला मॉल अब भूतिया शहर बन गया है, क्यों यहां अब रौनक नहीं बस सन्नाटा है, क्यों लोग रात को छोड़िये दिन में भी यहां पैर रखने से कतराते हैं, चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी।

आज के वक्त में दिल्ली में मॉल कल्चर काफी आम है और बच्चों के लिए हर वीकेंड मॉल जाना, शॉपिंग करना, गेम्स खेलना या खाना-पीना काफी आम है, लेकिन बात अगर 90 के दशक की करें, तो उस वक्त ऐसा नहीं था। दिल्लीवासी 'बूमर' या 'मिलेनियल' ने बचपन में 'वीकेंड मॉल कल्चर' को नहीं देखा है। उस वक्त साल 1999 में दिल्ली में अंसल प्लाजा खुला था और साउथ दिल्ली का ये मॉल मानो हर शहरवासी के लिए पिकनिक स्पॉट बन गया था। यहां दिनभर इतनी चहल-पहल रहती थी कि मॉल के अंदर पैर रखने की जगह नहीं होती थी और बेसमेंट में गाड़ी पार्क करने का स्पेस नहीं मिलता था, लेकिन अब ये मॉल वीरान है। ये मॉल डेटिंग के लिए खास ठिकाना बनता जा रहा था, फिल्मी प्रमोशन होते थे, दिल्ली में कई ब्रांड्स के शोरूम यही इसी मॉल में पहली बार खुले थे, लेकिन अब ये मॉल घोस्ट टाउन जैसा दिखता है और हाल कुछ यूं है कि लोगों को यहां आने-जाने में भी डर लगता है।
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इस मॉल को बेशक लोग अब भूतिया घर कहने लगे हैं, लेकिन इसके पीछे कोई भूतिया कहानी नहीं है। दरअसल, यहां पसरे सन्नाटे, खराब लिफ्ट, बंद शोरूम और इसकी जर्जर हालन ने इसे भूतिया घर बना दिया है और लोग यहां आने से भी कतराने लगे हैं। अगर आप यहां कभी जाएंगी, तो आपको शोरूम के स्टाफ, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव और गार्ड ही नजर आएंगे, आम पब्लिक शायद ही यहां दिखाई दे। दरअसल, दिल्ली में एक के बाद एक कई मॉल खुले और जो मॉल वक्त के साथ अपग्रेड नहीं हुए यहां जिनका रख-रखाव सही से नहीं हुआ, वो बंद होते गए या उन्हें लोग भूलते गए। ये मॉल भई उन्हीं में से एक है। यहां की सीढ़ियों की हालत ऐसी है कि आपको अकेले जाने में डर महसूस हो सकता है। इस मॉल में अब बस स्पा सेंटर, एक-दो रेस्टोरेंट और एक गेम प्लाजा है। इसे साल 2016 में रीलॉन्च भी किया गया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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