Tue Mar 3, 2026 | Updated 06:45 PM IST
chandra grahan 2026 mein kaise kare laddu gopal ki puja

Chandra Grahan 2026: आज 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के आरंभ से लेकर समापन तक बिना छुए ऐसे करें लड्डू गोपाल की सेवा-पूजा, पंडित जी से जानें

शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल में सूतक लगने के कारण भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है। ऐसे में कई भक्त दुविधा में रहते हैं कि अपने प्रिय कान्हा की सेवा कैसे करें। आइये जानते हैं इस बारे में। 
Editorial
Updated:- 2026-03-03, 16:05 IST

आज 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि ग्रहण के दौरान लड्डू गोपाल जो घर के नन्हे सदस्य की तरह होते हैं उनकी सेवा में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल में सूतक लगने के कारण भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है। ऐसे में कई भक्त दुविधा में रहते हैं कि अपने प्रिय कान्हा की सेवा कैसे करें। वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, यह समय शारीरिक सेवा के बजाय मानसिक सेवा और भक्ति का होता है जिससे लड्डू गोपाल प्रसन्न होते हैं। आइये जानते हैं ग्रहण काल में लड्डू गोपाल की पूजा-सेवा का सही तरीका।

ग्रहण शुरू होने से पहले की तैयारी

चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले ही आपको लड्डू गोपाल की सेवा से जुड़े कुछ जरूरी काम कर लेने चाहिए। ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले कान्हा को स्नान कराएं, उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाएं और उनका श्रृंगार करें।

chandra grahan 2026 mein laddu gopal ki puja ke niyam

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रहण लगने से पहले ही उनके भोग और पीने के पानी में तुलसी दल डाल दें। तुलसी को शुद्ध माना जाता है और यह भोजन को ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा से बचाती है।  

इसके बाद लड्डू गोपाल को उनके स्थान पर विराजमान कर दें और मंदिर के पर्दे गिरा दें।

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ग्रहण के दौरान 'बिना छुए' कैसे करें पूजा?

ग्रहण काल के दौरान लड्डू गोपाल की मूर्ति को स्पर्श करना मना है इसलिए इस समय मानसिक पूजा का सहारा लें। आप उनके सामने बैठकर आंखें बंद करें और मन ही मन उनका ध्यान करें। 

इस समय आप 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण' महामंत्र का निरंतर जाप कर सकते हैं। पंडित जी के अनुसार, ग्रहण में किया गया मानसिक जाप सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होता है।

आप कान्हा के लिए मधुर भजन गा सकते हैं या श्रीमद्भागवत गीता का पाठ कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि इस दौरान उन्हें न तो भोग लगाएं और न ही उनकी आरती उतारें।

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ग्रहण समापन के बाद सेवा और शुद्धिकरण

जैसे ही चंद्र ग्रहण समाप्त हो, सबसे पहले स्वयं स्नान करें और फिर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद लड्डू गोपाल के मंदिर की सफाई करें और कान्हा को गंगाजल मिले जल से स्नान कराएं।

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ग्रहण के दौरान पहने हुए उनके वस्त्रों को बदल दें और उन्हें नए या धुले हुए स्वच्छ वस्त्र पहनाएं। स्नान और शुद्धिकरण के बाद लड्डू गोपाल को ताजी मिठाई या फलों का भोग लगाएं और धूप-दीप दिखाकर उनकी आरती उतारें।

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image credit: herzindagi 

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