Tue Mar 31, 2026 | Updated 01:43 AM IST HZ Awards 2026
image

Ekadashi List April 2026: अप्रैल महीने में कब-कब पड़ेगी एकादशी तिथि, यहां जानें सही तिथि, पूजा क शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखा जाता है। हर महीने दो एकादशी पड़ती हैं, जिनका अलग-अलग महत्व होता है। अप्रैल 2026 में पड़ने वाली वरुथिनी और मोहिनी एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व यहां जानें।
Editorial
Updated:- 2026-03-30, 20:11 IST

हिंदू धर्म में किसी भी एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है और हर महीने 2 एकादशी तिथियां पड़ती हैं, वहीं पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां मनाई जाती हैं। हर महीने की तरह अप्रैल महीने में भी दो एकादशी तिथियां पड़ेंगी और उनका अलग महत्व है। अप्रैल में पड़ने वाली पहली एकादशी तिथि का नाम वरुथिनी एकदाशी है जो वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष के ग्यारहवें दिन पड़ेगी। वहीं अप्रैल महीने में पड़ने वाली दूसरी एकादशी मोहिनी एकादशी होगी जो वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ेगी। इन दोनों ही एकादशी तिथियों का अपना अलग महत्व है और इनमें भगवान विष्णु की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानते हैं अप्रैल में पड़ने वाली दोनों एकादशी तिथियों की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है।

अप्रैल में कब है वरुथिनी एकादशी?

varuthani eakdashi kab hai

  • हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल महीने में वैशाख कृष्ण शुक्ल पक्ष में होने वाली वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल, सोमवार को रखा जाएगा।
  • वरुथिनी एकादशी तिथि का आरंभ-12 अप्रैल, मध्यरात्रि 1 बजकर 17 मिनट पर।
  • वरुथिनी एकादशी तिथि का समापन-13 अप्रैल, रात्रि 1 बजकर 9 मिनट पर।
  • उदया तिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को ही रखना शुभ होगा।
  • एकादशी व्रत के पारण का समय 14 अप्रैल प्रातः 06 बजकर 54 मिनट से 08 बजकर 31 मिनट रहेगा।
  • एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। यही नहीं इस इन दान-पुण्य करना भी अत्यंत शुभ होता है।

वरुथिनी एकादशी का महत्व

varuthani ekadashi significance

हिंदू पंचांग के अनुसार वरुथिनी एकादशी वैशाख कृष्णपक्ष की एकादशी को कहा जाता है। यह एकादशी इस लोक और परलोक में भी सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है। शास्त्रों की मानें तो वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से सदा सुख की प्राप्ति होती है और समस्त पाप नष्ट होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो फल दस हजार वर्षों तक तपस्या करने के बाद मनुष्य को प्राप्त होता है, वही फल इस एक एकादशी वरुथिनी का व्रत करने मात्र से भक्ति को मिल जाता है। इससे समस्त पाप नष्ट होते हैं और शुभता का आशीर्वाद मिलता है।

अप्रैल में कब है मोहिनी एकादशी?

mohini eakdadashi tithi

  • हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल महीने की दूसरी एकादशी मोहिनी एकादशी है। इस एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा।
  • मोहिनी एकादशी तिथि का आरंभ- 26 अप्रैल, शाम 6 बजकर 17 मिनट पर
  • मोहिनी एकादशी तिथि का समापन-27 अप्रैल, शाम 6 बजकर 15 मिनट पर
  • चूंकि 27 अप्रैल को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए उदया तिथि के अनुसार मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल को ही मानना शुभ होगा।

इसे जरूर पढ़ें: Ekadashi Vrat List 2026: मार्च महीने में कब पड़ेगी कामदा एकादशी? पंडित जी से जानें पूरे साल पड़ने वाली सभी तिथियों के शुभ मुहूर्त समेत अन्य बातें 

मोहिनी एकादशी का महत्व

वैशाख मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी तिथि में भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि यह तिथि समस्त पापों का हरण करने वाली होती है। इस दिन जो व्रत उपवास करता है उसे सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इस दिन
विष्णु जी के मोहिनी रूप की पूजा करने से समस्त पापों से बाहर आने में मदद मिलती है।

अगर आप भी एकादशी तिथि का व्रत करती हैं तो यहां अप्रैल में पड़ने वाली तिथियों की जानकारी विस्तार से दी गई है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;