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Maa Shailputri Puja Vidhi & Mantra 2026: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री का पूजन, यहां जानें पूजा विधि और मंत्र

Maa Shailputri Puja Mantra 2026: चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। ऐसे में जानें की पहले दिन मां शैलपुत्री का पूजन विधि क्या है और कौन से मंत्र इस पूजा में बोलने उचित होंगे? ताकि आपकी पूजा अच्छे से पूरी हो सके।
Editorial
Updated:- 2026-03-18, 14:15 IST

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का त्योहार बेहद खास होता है। इन 9 दिनों में माता रानी की अलग-अलग रुपों में पूजा होती है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री भी कहते हैं। इनकी पूजा करने से शक्ति और स्थिरता प्राप्त होती है। ऐसे में आप भी नवरात्रि के पहले दिन पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करें। साथ ही मां शैलपुत्री के खास मंत्रों का उच्चारण करें। पंडित जन्मेश द्विवेदी ने इससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारी को शेयर किया है। आइए आपको इशके बारे में बताते हैं।

मां शैलपुत्री की पूजा विधि (Maa Shailputri Puja Vidhi 2026)

  • मां शैलपुत्री की पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह उठकर जल्दी स्नान करें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि आप सफेद या पीले रंग के कपड़े पहनें।
  • इसके बाद आसन पर साफ कपड़े को बिछाएं और इस पर माता की तस्वीर लगाएं।
  • फिर आपको शुभ मुहूर्त देखकर कलश की स्थापना करनी है।
  • इसके लिए आपको कलश में जल, गंगाजल, सिक्का, और सुपारी डालनी है।
  • कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें और नारियल रखें।
  • हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर नवरात्रि व्रत और मां शैलपुत्री की पूजा का संकल्प लें।
  • इसके बाद अक्षत, धूप, दीप व नैवेद्य अर्पित करें।
  • मां शैलपुत्री को सफेद रंग काफी पसंद है। ऐसे में आप कनेर या चमेली के फूल चढ़ाएं।

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मां शैलपुत्री के शक्तिशाली मंत्रों का करें उच्चारण (Maa Shailputri Puja Mantra 2026)

  • मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र। वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम॥ इसका अर्थ है जिनके मस्तक पर आधा चंद्रमा सुशोभित है। जो बैल पर सवार हैं और अपने हाथ में त्रिशूल धारण किए हुए हैं। पर्वतराज की पुत्री मां शैलपुत्री की मैं स्तुति करती हूं।
  • मां शैलपुत्री का स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इसका अर्थ है कि मैं मां को मेरा बारंबार नमस्कार है, नमस्कार है, नमस्कार करती हूं।
  • मां शैलपुत्री का बीज मंत्र: ह्रीं शिवायै नम:। इसका अर्थ है शक्ति का बीज मंत्र है। इसमें 'ह' शिव का, 'र' प्रकृति का और 'ई' महामाया का प्रतीक है।

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मां शैलपुत्री की पूजा इन विधि नियम के साथ करें। साथ ही मंत्रों का उच्चारण भी जरूर करें, ताकि आपके जीवन में कोई परेशानी न आए। आपको इन सभी चीजों का खास ध्यान नवरात्रि के दिनों में रखना होगा।

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