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what is train seat blue sleeve use

ट्रेन की सीट पर इस पतली सी पट्टी का क्या है यूज? रोज सफर करने वाले भी इसके बारे में नहीं जानते

ट्रेन से रोजाना स्लीपर, 3AC, 2AC, जनरल और चेयर कार जैसे कोच में सफर करने वाले यत्री इस नीली पट्टी को समझ नहीं पाते। उन्हें लगता है कि यह सीट का डिजाइन होगा, हालांकि ऐसा नहीं है। यह यात्रियों के यूज के लिए बनाया गया होता है।
Editorial
Updated:- 2026-03-14, 18:36 IST

भारत में हर रोज ट्रेन से लाखों यात्री सफर करते हैं। कोई रोज ऑफिस जाने के लिए, तो कई यात्री घूमने या किसी जूरूरी काम के चलते ट्रेन से सफर करते हैं। इतनी बार यात्रा करने के बावजूद भी हजारों-लाखों यात्री ऐसे होंगे, जिन्हें ट्रेन के कोच, सीट नंबर, बर्थ टाइप और छिपी हुई सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। इसका कारण यह है कि यह यात्रियों के आखों के सामने भी छिपी रहती हैं। ट्रेन में सफर करना सिर्फ टिकट लेकर सीट पर बैठ जाने तक सीमीत नहीं है, अगर आपको कोच और सीट से जुड़ी जरूरी जानकारी हो, तो आपका सफर ज्यादा आरामदायक हो सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको सीट के इस निशान के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

ट्रेन की सीट पर लगी नीली पट्टी का क्या अर्थ है?

सबसे पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि सीट पर बनी हुई नीली पट्टी किस कोच में देखने को मिलेगी। यह आपको एसी कोच में देखने को मिलेगी, क्योंकि इन कोच में ओढ़ने और बिछाने के लिए चादर की सुविधा मिलती है। इस नीली पट्टी का यूज भी चादर से ही कनेक्ट है। इस नीली पट्टी को बेडशीट को पकड़ कर रखने के लिए बनाया गया है। अक्सर आपने देखा होगा कि जब आप चादर बिछाने के बाद सोने जाते हैं, तो चादर खिसकने लगती है। कई बार रात में सोते हुए पता भी नहीं चलता और बिछाई हुई चादर नीचे गिरी हुई मिलती है। इसका कारण यह कि ट्रेन की सीट फिसलन वाली होती है, इसलिए इसपर चादर का टिकना मुश्किल हो जाता है।

कैसे यूज करें?

सीट की इस नीली पट्टी को यूज करने के लिए आपको स्लीव के नीचे बेडशीट के सिरे दबाना है। सीट की यह पट्टी टाइट होती है, इसलिए चादर इसमें पूरी रात फंसी रहती है। आप करवल लेंगे या सीट से बार-बार उतरेंगे भी, तो भी यह मुड़ेगी या खराब नहीं होगी। यह पूरी रात एक ही जगह पर सही से सेट रहेगी। अगर आप भी आने वाले समय में ट्रेन से सफर करने वाली हैं, तो सीट पर बने इस हैक को जरूर यूज करें।

सीट नंबर मिलने के बाद पता लग जाएगा बर्थ टाइप

कई यात्रियों की टिकट वेटिंग में होती है और बाद में कन्फर्म होने के बाद उन्हें पता नहीं लगता कि यह नीचे की है या ऊपर की। अगर आपको भी समझने में दिक्कत होती है, तो आप एक पैटर्न समझ सकते हैं। 1 से 8 तक का पैटर्न हर केबिन में दोहरता है। इसे आप इस तरह से समझ सकती हैं।

  • 1, 4 = लोअर
  • 2, 5 = मिडिल
  • 3, 6 = अपर
  • 7 = साइड लोअर
  • 8 = साइड अपर

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