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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा, 12वीं मंजिल से गिरकर 3 साल के मासूम की मौत; घर में हैं छोटे बच्चे तो इन Safety Tips का रखें ध्यान

Safety Tips in Hindi: ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी में 12वीं मंजिल से गिरकर 3 साल के बच्चे की दुखद मौत हो गई। यह घटना ऊंची इमारतों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। 
Editorial
Updated:- 2026-03-24, 10:59 IST

ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने हर माता-पिता के दिल को दहला दिया। बिसरख थाना क्षेत्र के तहत आने वाली इस सोसाइटी में 12वीं मंजिल से गिरकर एक 3 साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, बच्चा बालकनी में खेल रहा था और अचानक बैलेंस बिगड़ने की वजह से वह नीचे गिर गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना ऊंची इमारतों (High-rise buildings) में रहने वाले परिवारों के लिए एक कड़ा सबक और चेतावनी है कि सेफ्टी के मामले में कोई लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। ऐसे में इन टिप्स के बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि यदि आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं और आप किसी ऊंची इमारत में रहती हैं, तो घर को 'चाइल्ड-प्रूफ' बनाने के लिए किन बातों का ख्याल रखें? इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

बच्चों की सेफ्टी के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स

  • आजकल बाजार में नायलॉन और स्टील की बेहद मजबूत जालियां मिलती हैं। ऐसे में आप इन्हें बालकनी और खिड़कियों पर ऊपर से नीचे तक फिट करवाएं। ये एक अदृश्य दीवार की तरह काम करती हैं और बच्चे को गिरने से बचाती भी हैं।

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  • आप ये तय करें कि बालकनी की रैलिंग कम से कम 4 से 5 फीट ऊंची हो। साथ ही, रैलिंग की सलाखों के बीच की दूरी 4 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, ताकि बच्चा उनके बीच से न निकल सके।

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  • बालकनी के दरवाजों पर हमेशा ऊपर की तरफ एक एक्स्ट्रा लॉक या चाइल्ड सेफ्टी लैच जरूर लगवाएं, जहां तक बच्चे का हाथ न पहुंच सके। जब आप साथ न हों, तो दरवाजा हमेशा लॉक रखें।
  • चाहे बच्चा कितना भी समझदार क्यों न हो, उसे बालकनी में कभी भी अकेला न छोड़ें। एक पल की नजरअंदाजी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। खेलते समय हमेशा किसी बड़े का साथ होना जरूरी है।

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  • सिर्फ बालकनी ही नहीं, बल्कि घर की खिड़कियों पर भी ग्रिल या विंडो स्टॉपर लगवाएं। विंडो स्टॉपर खिड़की को एक तय लिमिट से ज्यादा खुलने नहीं देते, जिससे बच्चा बाहर नहीं निकल पाता।

कभी न करें ये गलती

बालकनी में रखी कुर्सियां, मेज, स्टूल या बड़े गमले बच्चों के लिए सीढ़ी का काम करते हैं। ऐसे में बच्चे इन पर चढ़कर रैलिंग के ऊपर झांकने की कोशिश करते हैं, जो सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है। ऐसे में आप रैलिंग के पास ऐसी कोई भी चीज न रखें, जिससे बाद में आपको पछतावा हो।

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Images: Freepik/shutterstock

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