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पैदल चलना हुआ पुराना, अब स्कूटी और कार का है जमाना; बच्चों की इस बदलती सोच का क्या है कारण?

यह लेख बताता है कि आज के बच्चे पैदल चलने के बजाय इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों को क्यों पसंद कर रहे हैं। इसके मुख्य कारणों में व्यस्त दिनचर्या, तकनीकी आकर्षण, वाहनों का स्टेटस सिंबल बनना और माता-पिता की सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं।
Editorial
Updated:- 2026-03-13, 17:32 IST

इस बात में कोई शक नहीं है कि आज की पीढ़ी के लिए पैदल चलना जैसे एक बीते जमाने की बात होती जा रही है। जहां पहले बच्चे मीलों पैदल चलकर स्कूल जाते थे या शाम को साइकिल लेकर गलियों में घूमा करते थे, वहीं आज उनकी पहली पसंद इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार बन गई है। इस बदलती आदक के कारण के बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आखिर क्यों बच्चों की इस बदलती सोच के पीछे कई क्या कारण हैं। पढ़ते हैं आगे...

समय की कमी के कारण

आज के बच्चों का शेड्यूल बेहद ही बिजी होता जा रहा है। स्कूल के बाद कोचिंग, फिर स्पोर्ट्स क्लास और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज। ऐसे में कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुचने के लिए उन्हें पैदल चलना वक्त की बर्बादी लगती है। स्कूटर या कार उनके लाइफस्टाइल की जरूरत बन गई है।

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तकनीक और सुविधाओं की जरूरत

आजकल के बच्चे गैजेट्स के बीच बड़े हो रहे हैं। उनके लिए ऑटोमेशन जीवन का हिस्सा हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि नई पीढ़ी को स्कूटर्स के स्मार्ट फीचर्स, म्यूजिक सिस्टम और कार का कंफर्ट पैदल चलने की थकान से कहीं ज्यादा बेहतर लगता है।

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स्टेटस सिंबल

आज के दौर में वाहन सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि एक 'स्टेटस सिंबल' बन गए हैं। सहपाठियों और दोस्तों के बीच कूल दिखने की चाहत बच्चों को वाहनों की ओर आकर्षित करती है। जब बच्चा अपने दोस्तों को गाड़ी या स्कूटर से आते देखता है, तो उसमें भी वही पाने की इच्छा जागती है।

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आज के माता-पिता डरते हैं 

बढ़ते ट्रैफिक और असुरक्षित सड़कों के कारण माता-पिता खुद बच्चों को पैदल भेजने से डरते हैं। फुटपाथों की कमी और तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल चलना अब सुरक्षित नहीं रहा। ऐसे में सेफ्टी के नजरिए से भी कार या स्कूटर को अच्छा माना जा रहा है।

पैदल न चलने के मानसिक व शारीरिक नुकसान

  • पैदल न चलने से बच्चों में मोटापा और कम उम्र में लाइफस्टाइल बीमारियां बढ़ रही हैं।
  • हर चीज तुरंत पाने की चाहत ने बच्चों में पैदल चलने जैसा धैर्य खत्म कर दिया है।
  • वाहनों के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी का फ्यू ही प्रभावित हो रहा है।

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Images: Freepik/shutterstock

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