
गणतंत्र दिवस के मौके पर लोग जवानों के अनगिनत बलिदानों और संघर्षों को याद करते हैं, जिन्होंने हमें एक स्वतंत्र राष्ट्र और सशक्त संविधान दिया। 26 जनवरी 1950 को हमारा देश पूर्ण गणतंत्र बना और तब से यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है। स्कूलों और कॉलेजों में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम छात्रों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का काम करते हैं। एक अच्छे एंकर की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने शब्दों के जादू से कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति को जोश और जज्बे से भर दे। प्रभावी एंकरिंग ही किसी भी आयोजन की आत्मा होती है।
आज के इस लेख में हम आपको प्रेरणादायक और प्रभावी एंकरिंग स्क्रिप्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप स्टूडेंट्स और टीचर्स में भी देशभक्ति का जोश भर सकता है।

एंकर 1: नमस्कार, आदरणीय अतिथिगण, सम्माननीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों.. आज का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत की गरिमा और गौरव का प्रतीक है। हम सभी यहां आज 26 जनवरी यानी हमारे गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं।
एंकर 2: दोस्तों, आज हम उस संविधान को सलाम करते हैं, जिसने हमें एक स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक देश के रूप में पहचाना। आइए, इस विशेष दिन की शुरुआत राष्ट्रगान 'जन गण मन' से करें। सभी खड़े हो जाएं और राष्ट्रगान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करें।
एंकर 1: धन्यवाद! अब मैं मुख्य अतिथि से अनुरोध करूंगा कि वह मंच पर आकर दीप प्रज्वलित करें और कार्यक्रम का शुभारंभ करें।
एंकर 2: गणतंत्र दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने हमारे देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए अथक संघर्ष किया। इस अवसर पर मैं (प्रधानाचार्य/मुख्य अतिथि) से निवेदन करता हूं कि वह अपने विचारों से हम सभी को प्रेरित करें।

एंकर 1: गणतंत्र दिवस वह दिन है, जब हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी का यह खास दिन हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। आज हम उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, जिन्होंने अपने खून और पसीने से हमारे देश को आजाद कराया।
एंकर 2: दोस्तों, देशभक्ति सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल की धड़कन है और आज इस मंच पर हम सभी उसी धड़कन को महसूस करेंगे। तो आइए, आज की इस खास सुबह की शुरुआत प्रेरणादायक प्रस्तुतियों से करते हैं।
एंकर 1: सबसे पहले, हमारे छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक शानदार नृत्य की प्रस्तुति देखने के लिए तैयार हो जाइए। यह नृत्य 'वंदे मातरम' पर आधारित है, जो हमारे दिलों में देशप्रेम का संचार करेगा। जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत करें।
एंकर 2: अगली प्रस्तुति में हमारे वरिष्ठ छात्रों द्वारा एक नाटक प्रस्तुत किया जाएगा, जो हमें हमारे स्वतंत्रता संग्राम के सुनहरे पलों में ले जाएगा। इस नाटक का शीर्षक है-'संविधान का सफर'।
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एंकर 1: अब हम सुनेंगे एक देशभक्ति कविता, जिसे प्रस्तुत करेंगे कक्षा 10वीं की छात्रा, नेहा। उनकी कविता हर भारतीय के दिल को छू लेगी। जोरदार तालियों के साथ नेहा का स्वागत करें।
एंकर 2:'और अब हमारे बीच एक संगीत पेश करने जा रही हैं कक्षा 8 वीं छात्रा, जो आपके दिलों को छू जाएंगी। चलि जोरदार तालिओं के साथ स्वागत करते हैं साक्षी का।
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एंकर 1: आज का दिन हमें याद दिलाता है कि हम कितने भाग्यशाली हैं कि हमें स्वतंत्रता और लोकतंत्र का उपहार मिला है। आइए, हम सब मिलकर प्रण करें कि हम इस देश को और महान बनाने की कोशिश करेंगे।
एंकर 2: इस खास मौके पर, हम सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।'वंदे मातरम!जय हिंद!'
एंकर-3: आज के इस कार्यक्रम ने हमें एक बार फिर याद दिलाया है कि हमारी पहचान सिर्फ हमारे नाम से नहीं, बल्कि हमारे भारतीय होने से है। चलते-चलते बस इतना ही कहना चाहूंगा या चाहूंगी।
जय हिंद
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