herzindagi
How Many Houses can a naga sadhu seek alms

नागा साधु को कितने घरों से भिक्षा मांगने की होती है अनुमति? ज्योतिषाचार्य से जानें

आपने साधुओं को अक्सर भिक्षा मांगते देखा होगा। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नागा साधु को एक दिन में कितने घरों से भिक्षा मांगने की अनुमति होती है। अगर नहीं, तो आइए इस बारे में ज्योतिषाचार्य से डिटेल में जानते हैं। 
Editorial
Updated:- 2025-02-10, 14:30 IST

प्रयागराज में महाकुंभ में देश-दुनिया से श्रद्धालु और भक्त ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े साधु और संत भी पहुंचे हैं। इन्हीं में नागा साधु भी शामिल हैं। नागा साधुओं को हिंदू धर्म में अहम दर्जा दिया गया है। नागा साधुओं को अपनी कठोर तपस्या, वैराग्य और साधना के लिए जाना जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वह सांसारिक मोह-माया से दूर रहते हैं और अनुशासित जीवन व्यतीत करते हैं। नागा साधु आम जन के बीच में नहीं रहते हैं और दूर-दराज पहाड़ों और जंगलों में अपना जीवन व्यतीत करते हैं।

नागा साधुओं के आराध्य भगवान शिव हैं, वह उन्हीं की आराधना में लीन रहते हैं। यही वजह है कि नागा साधु अपने शरीर पर भभूती लगाकर रखते हैं और इसे ही अपना श्रृंगार मानते हैं। नागा साधुओं की दुनिया आम लोगों से तो अलग होती ही है, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन, वह अन्य साधु और संतों से भी अलग जीवन व्यतीत करते हैं। नागा साधुओं को रहन-सहन से लेकर भिक्षा मांगने के लिए भी विशेष परंपरा और नियम का पालन करना होता है। अगर वह नियमों का पालन न करें, तो उन्हें कठोर व्रत करना पड़ता है। नागा साधुओं के लिए भिक्षा मांगने के लिए क्या नियम हैं इसे हमें पंडित आचार्य उदित नारायण त्रिपाठी ने बताया है।

भिक्षा मांगने के लिए किस नियम का पालन करते हैं नागा साधु?

Naga Sadhu Maha kumbh 2025

नागा साधुओं को एक दिन में केवल सात घरों से भिक्षा मांगने की अनुमति होती है। नागा साधु सात घर से ज्यादा एक भी घर से अन्न या भोजन नहीं मांग सकते हैं। अगर, उन्हें सात घरों से भिक्षा मांगने के बाद अन्न या भोजन नहीं मिलता है, तो वह उस दिन के लिए व्रत करते हैं। नागा साधु ऐसा इसलिए करते हैं, जिससे वह लालच, लोभ और बचाने की मोह-माया से दूर रह सकें। नागा साधु केवल उतना ही भोजन करते हैं जितना एक जीवन जीने के लिए जरूरी माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: इन 6 यातनाओं को झेलने के बाद ही बन सकते हैं नागा साधु, जानें क्या हैं कड़े नियम

नागा साधु जब भी भिक्षा मांगते हैं, तो वह किसी से आग्रह नहीं करते हैं और न ही दबाव बनाते हैं। उन्हें जो भी भिक्षा मिलती है, वह उसे ग्रहण करते और संतुष्ट रहते हैं। इसी के साथ वह किसी एक पर निर्भर नहीं रहते हैं, यह उनके त्याग, संतोष और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है।

नागा साधु भिक्षा मांगने आएं तो करें यह काम 

Naga Sadhu Traditions

अगर आपके दरवाजे पर नागा साधु भिक्षा मांगने के लिए आते हैं, तो उन्हें बैठाकर भोजन कराने का प्रयास करने की सलाह दी जाती है। वहीं, आप बैठाकर भोजन नहीं करा सकते हैं, तो साधुओं को अन्न और आवश्यक सामग्री देकर सम्मानपूर्वक विदा करना चाहिए। क्योंकि, अगर आपके द्वार से वह खाली हाथ लौट जाते हैं, तो शायद उन्हें पूरा दिन व्रत करना पड़ सकता है। मोह-माया का त्याग, सख्त नियम और अनुशासन ही नागा साधुओं को अन्य से अलग बनाते हैं।

इसे भी पढ़ें: नागा साधु में 'नागा' का क्या होता है अर्थ?

धार्मिक आयोजनों के बाद कहां चले जाते हैं नागा साधु?

नागा साधु, कुंभ या अन्य विशेष धार्मिक आयोजन के दौरान ही आम लोगों के बीच आते हैं और फिर अपनी दुनिया में लौट जाते हैं। ऐसे में कई बार सवाल उठता है कि आखिर धार्मिक आयोजनों के बाद नागा साधु कहां चले जाते हैं। माना जाता है कि नागा साधु कुंभ, महाकुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों में आते हैं और फिर पहाड़ों और जंगलों में लौट जाते हैं। यह भी कहा जाता है कि नागा साधु अपने अखाड़ों के आश्रमों और मंदिरों में रहते हैं।

हमारी स्टोरी से रिलेटेड अगर कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे।

अगर आपको स्टोरी अच्छी लगी है, इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

Image Credit: Herzindagi

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।