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Eid ul-Fitr 2026 date in India

Eid ul-Fitr Kab Hai 2026: 20 या 21 भारत में कब है ईद-उल-फितर, तारीख में क्यों होता है बदलाव?

Eid ul-Fitr 2026 Kab Hai: भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर 2026। जानें क्यों होता है चांद की तारीखों में बदलाव और इस साल सऊदी अरब व भारत में ईद की तारीखों में कितने दिन का अंतर?
Editorial
Updated:- 2026-03-18, 11:41 IST

ईद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार रमजान के पाक महीने के समाप्त होने का प्रतीक है, जिसमें लोग महीने भर रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं। हालांकि अभी लोगों के मन में ईद की तारीख को लेकर उलझन है कि यह 20 मार्च को होगी या 21 मार्च को। ईद-उल-फितर का त्योहार चांद दिखने पर डिपेंड करता है। इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, इसलिए ईद की कंफर्म डेट चांद दिखने के बाद ही पता चलेगी। चलिए नीचे लेख में जानिए भारत में कब दिख सकता है ईद का चांद और तारीख में क्यों होता है बदलाव?

ईद कब मनाई जाएगी? (Eid Kab Hai 2026)

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ईद-उल-फितर की तारीख चांद के दिखने पर निर्भर होती है। इस्लामिकल कैलेंडर चांद की गति पर आधारित होता है। ऐसे में पहले से ईद की कंफर्म तारीख का निश्चिक कर पाना मुश्किल है। अगर चांद 19 मार्च की शाम को दिखाई देता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं अगर चांद 20 की रात में दिखा, तो ईद 21 को होगी। ईद आते ही इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल शुरू हो जाता है।

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ईद-उल-फितर का महत्व

ईद पर्व रमजार के समापन का प्रतीक है। इस दिन मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। यह खुशियों और भाईचारे का त्योहार है। इस दिन लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और फितरा यानी दान देकर गरीबों की मदद करते हैं।

हर साल तारीख में बदलाव क्यों होता है?

Why Eid Date Changes Every Year

दूसरा सवाल जो लगभग हर किसी के मन में आता है कि आखिर हर साल त्योहार की तारीख में बदलाव क्यों होता है? इसके पीछे मुख्य दो कारण होते हैं। पहला चांद दिखने की स्थिति और दूसरा चंद्र कैलेंडर।

चंद्र कैलेंडर से जुड़ाव

दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाला ग्रेगोरियन कैलेंडर सूर्य पर आधारित होता है, जबकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है।

चंद्र कैलेंडर सूर्य कैलेंडर से लगभग 10-11 दिन छोटा होता है। यही कारण है कि हर साल ईद पिछले साल के मुकाबले 10 से 11 दिन पहले आती है।

चांद के दीदार पर ईद की तारीख

इस्लामिक पर्व ईद की तारीख के जानकारी स्थानीय धार्मिक कमेटी या रुअत-ए-हिलाल कमेटी चांद दिखने के बाद करती है।

चांद भौगोलिक स्थिति और बादलों की मौजूदगी पर निर्भर करता है, इसलिए दिल्ली, मुंबई और केरल जैसे शहरों के बीच भी कभी-कभी एक दिन का अंतर आ जाता है।

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