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Shab E Barat 3 February or 4 February

Shab-E-Barat 2026: 3 या 4 फरवरी, कब है शब-ए-बारात? यहां जानें क्‍यों मनाया जाता है यह त्‍योहार

शब-ए-बारात 2026 को लेकर लोगों में 3 या 4 फरवरी की तारीख को लेकर भ्रम है। इस लेख में जानें भारत में शब-ए-बारात 2026 की सही तारीख, इसे कब और क्यों मनाया जाता है, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इस पवित्र रात में कौन-सी इबादत और रस्में निभाई जाती हैं। माफी, रहमत और बरकत की इस खास रात से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
Editorial
Updated:- 2026-02-02, 18:54 IST

इस्‍लाम के कई प्रमुख त्‍योहारों में से एक शब-ए-बारात को भी बहुत ही पाक और महत्वपूर्ण त्‍योहार माना गया है। रात में मनाए जाने वाले इस त्‍योहार को मुसलमान माफी और रहमत का दिन मानते हैं। इस खास दिन मुसलिम परिवार के लोग अपनी गलतियों के लिए खुदा से माफी मांगते हैं और दुश्‍मन को भी गले लगा लेते हैं। इस दिन की खास रस्‍म शुरू होती है रात में, जब महमानों का स्‍वागत तरह-तरह के शरबतों से किया जाता है। इस वर्ष यह त्‍योहार कब मानया जाएगा, चलिए हम आपको बताते हैं।

कब मनाया जाएगा शब-ए-बारात?

यह त्‍योहार हिजरी कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की 14वीं और 15वीं रात के बीच मनाया जाता है । इस बार यह त्‍योहार 3 को मनाया जाएगा या फिर 4 फरवरी को, इसे लेकर लोगों में भ्रम है। हालांकि अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर शब-ए-बारात की तारीख हर साल अलग हो सकती है। इस बार यह त्‍योहार 3 फरवरी की रात को मनाया जाएगा और 4 तारीख को इस त्‍योहार का समापन होगा।

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Shab E Barat date 2026

क्‍या है शब-ए-बारात का महत्‍व ?

इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात को बेहद पवित्र और खास रात माना जाता है। यह त्योहार रात में मनाया जाता है और मुसलमानों के लिए माफी, रहमत और बरकत की रात होता है। मान्यता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की दुआएं स्वीकार करते हैं और उनके गुनाहों को माफ करते हैं। इसी वजह से लोग पूरी रात इबादत, नमाज़ और दुआ में बिताते हैं। इस दिन लोग दिल से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हैं और आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं।

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शब-ए-बारात की शुरुआत रात होते ही होती है। घरों में मेहमानों का स्वागत शरबत और मिठाइयों से किया जाता है। कई जगहों पर कब्रिस्तान जाकर अपने बुजुर्गों के लिए दुआ पढ़ने की परंपरा भी निभाई जाती है। लोग इस रात को आत्मचिंतन और नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।

शब-ए-बारात हिजरी कैलेंडर के शाबान महीने की 14वीं और 15वीं तारीख की रात के बीच मनाई जाती है। चूंकि इस्लामिक कैलेंडर चांद के दिखने पर आधारित होता है, इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इसकी तारीख हर साल बदल जाती है। साल 2026 में शब-ए-बारात 3 फरवरी की रात को मनाई जाएगी और 4 फरवरी को इसका समापन होगा। इस दिन का उद्देश्य इंसान को बेहतर बनने और अल्लाह के करीब जाने की प्रेरणा देना है।

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