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बैंक अकाउंट फ्रीज करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, पुलिस अब यूं ही ब्लॉक नहीं करा पाएगी खाता, जानें आम लोगों के लिए ये कैसे है फायदेमंद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पुलिस अब बिना पुख्ता सबूत के बैंक खाते फ्रीज नहीं कर पाएगी। यह निर्णय साइबर फ्रॉड के मामलों में लिया गया है, जहां पुलिस को पहले धोखाधड़ी साबित करनी होगी और एफआईआर की कॉपी देनी होगी। बैंक भी पुलिस के कहने पर तुरंत खाता ब्लॉक नहीं कर सकते। यह आम लोगों के लिए फायदेमंद है।
Editorial
Updated:- 2026-01-30, 15:50 IST

अभी हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक फैसला सामने आया है, जिसके मुताबिक, पुलिस ऐसे ही आपका बैंक अकाउंट फ्रीज नहीं करवा पाएगी। यह फैसला एक मामले के चलते लिया गया है। बता दें कि कोर्ट का कहना है यदि साइबर फ्रॉड हुआ है तो अकाउंट को होल्ड करना गैर कानूनी माना जा सकता है। बैंक पुलिस के कहने पर अकाउंट को होल्ड नहीं कर सकती। ऐसे में पुख्ता सबूत होने बेहद जरूरी हैं। जब से यह फैसला सामने आया है तब से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि बैंक अकाउंट फ्रीज क्या है और इसे क्यों किया जाता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बैंक अकाउंट फ्रीज क्या है और यह क्यों होता है। साथ ही इसे रोकने के फायदों के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

क्या होता है बैंक अकाउंट फ्रीज?

बता दें, जैसा कि आपको नाम से ही पता चल रहा है, जब आपका अकाउंट फ्रीज हो जाता है, तब उस स्थिति को बैंक अकाउंट फ्रीज कहते हैं। ऐसा तब होता है जब साइबर पुलिस किसी ऑनलाइन अपराध की जांच कर रही है और वह अपराध पैसों से जुड़ा है और पैसे किस अकाउंट से किस अकाउंट में गए हैं। 

BANK FREEZA

उस बीच पैसे के लेनदेन को बंद करवाने के लिए पुलिस अकाउंट ब्लॉक करवा देती है। मतलब आप एकदम उस अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर पाते।

क्या कहा है कोर्ट ने?

बता दें कि खालसा मेडिकल स्टोर वर्सेस आरबीआई के केस में सुनवाई होते हुए कोर्ट ने कहा कि कोई भी पुलिस यूं ही अकाउंट नहीं ब्लॉक करवा सकती। 

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इसके लिए पूरी जमा पूंजी से लेनदेन बंद करने का कोई मतलब नहीं बनता है। ऐसे कैस में पहले पुलिस को यह साबित करना है कि क्या सच में फ्रॉड हुआ है या नहीं। इसलिए पहले एफआईआर होगी। पुलिस बैंक को कॉल करके अकाउंट होल्ड करने के लिए नहीं कह सकती है बल्कि एफआईआर की कॉपी के साथ लेनदेन से फ्रॉड हुआ है, उसके भी कागजात देगी।

क्या कर सकती है पुलिस?

पुलिस बैंक से इस अमाउंट का ब्लॉक करने के लिए कह सकती है, जिससे फ्रॉड हुआ है। इससे अलग पुलिस को 24 घंटे के अंदर कोर्ट और मजिस्ट्रेट को बताना होगा। बैंकों को भी ये निर्देश मिला है कि अगर उसे बिना किसी प्रोसेसिंग के अकाउंट को फ्रीज कर दिया तो उनके ऊपर सिविल और क्रिमिनल केस भी चल सकता है।

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Images: Freepik/pinterest

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