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How does a gas stove lighter work

Gas Lighter: न कोई बैटरी न कोई फ्यूल, फिर कैसे गैस लाइटर से निकलती है चिंगारी?

चिंगारी या आग जलाने के लिए ज्वलित पदार्थ की जरूरत पड़ती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाला गैस लाइटर बिना बैटरी और बिना फ्यूल के कैसे काम करता है? नीचे लेख में जानें कैसे करता है यह काम।
Editorial
Updated:- 2026-04-03, 15:31 IST

रसोई में हर रोज इस्तेमाल होने वाला गैस लाइटर किसी जादू से कम नहीं लगता। हम बस एक बटन दबाते हैं और चटक की आवाज के साथ निकली एक छोटी सी नीली चिंगारी चूल्हा जला देती है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस लाइटर के अंदर न तो कोई बैटरी होती है और न ही पेट्रोल या गैस जैसा कोई ईंधन भरा जाता है। यह सालों-साल बिना किसी बाहरी ऊर्जा के काम करता रहता है। अब ऐसे में सवाल आता है कि आखिर बिना बिजली और बिना आग के यह चिंगारी कैसे बनाता है? अगर मेरी तरफ आपने भी इस बात पर गौर नहीं किया है, तो नीचे लेख में जानें गैस लाइटर कैसे काम करता है?

गैस लाइटर कैसे काम करता है?

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गैस लाइटर के प्लास्टिक या स्टील के कवर के अंदर एक छोटा सा स्प्रिंग और हैमर महत्वपूर्ण चीज महत्तवपूर्ण चीज है। हैमर एक खास तरह का पत्थर होता है, जिसे पीजोइलेक्ट्रिक क्रिस्टल कहते हैं, जो आमतौर पर लेड जिरकोनेट टाइटनेट मैटेरियल से बना होता है। इस क्रिस्टल की खास बात यह है कि जब इस पर जोर से दबाव डाला जाता है या प्रहार किया जाता है, तो यह अपने आप बिजली पैदा करता है।

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लाइटर से कैसे निकलती है चिंगारी?

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लाइटर जब हम बटन का बटन दबाते हैं, तो आप दरअसल अंदर लगे एक मजबूत स्प्रिंग को पीछे की तरफ खींच रहे होते हैं। जैसे ही बटन अपनी पूरी सीमा तक पहुंचता है, स्प्रिंग फ्री हो जाता है और उससे जुड़ा एक छोटा सा हथौड़ा पूरी ताकत से उस पीजोइलेक्ट्रिक क्रिस्टल पर चोट करता है। इस अचानक और तेज दबाव के कारण क्रिस्टल के भीतर मौजूद ऑटम यानी परमाणु असंतुलित हो जाते हैं और लगभग 800 से 1000 वोल्ट की बिजली पैदा होती है।

गैस लाइटर से चूल्हा कैसे जलता है?

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गैस लाइटर में जो बिजली पैदा होती है, वह लाइटर के आगे हिस्से तक आने वाले तार के जरिए पहुंचती है। लाइटर की नोक और बाहरी मेटल कवर के बीच में छोटा सा गैप होता है। जब वह हाई-वोल्टेज करंट उस गैप को पार करने की कोशिश करता है, तो हवा में एक इलेक्ट्रिक स्पार्क यानी चिंगारी पैदा होती है। जैसे ही आप गैस का बर्नर ऑन करते हैं और लाइटर की यह चिंगारी गैस के संपर्क में आती है, चूल्हा जल उठता है।

गैस लाइटर लंबे समय तक कैसे काम करता है?

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गैस लाइटर में किसी केमिकल रिएक्शन या खत्म होने वाली बैटरी का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए यह बहुत लंबे समय तक चलता है। इसमें मौजूद क्रिस्टल जब तक सही और उस पर धक्का लगता है, तब तक वह बिजली पैदा करता रहेगा। अक्सर लाइटर तब खराब होते हैं जब उनके अंदर गंदगी जमा हो जाती है या फिर बार-बार गिरने की वजह से क्रिस्टल टूट जाता है।

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