Tue Mar 10, 2026 | Updated 05:37 PM IST
sheetala ashtami 2026 significance

Sheetala Ashtami 2026: शीतला माता को क्यों चढ़ाया जाता है बासी भोजन? जानें चूल्हा न जलाने की परंपरा के कारण और पूजा विधि

शीतला अष्टमी का पर्व माता शीतला की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन घर में ताजा भोजन बनाने के बजाय माता को बासी या ठंडे भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। आइए जानते हैं शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है, इस दिन चूल्हा जलाना क्यों वर्जित होता है और शीतला अष्टमी की सही पूजा विधि क्या है?
Editorial
Updated:- 2026-03-10, 11:54 IST

शीतला अष्टमी का पर्व हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है और इस दिन शीतला माता का पूजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाने से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है और संतान को अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। यह पर्व होली के आठवें दिन मनाया जाता है और इसका धार्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है। इस साल शीतला अष्टमी 11 मार्च को मनाई जाएगी और इस दिन शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस पर्व को कई स्थानों पर बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन ताजा भोजन न तो करना चाहिए और न ही इसका भोग लगाना चाहिए। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को बासी भोजन क्यों चढ़ाया जाता है और इस दिन चूल्हा जलाना वर्जित क्यों होता है। साथ ही, शीतला अष्टमी की पूजा विधि के बारे में भी जानें।

शीतला माता को क्यों चढ़ाया जाता है बासी भोजन?

stail food to sheetala mata

शीतला अष्टमी हिंदू पंचांग के चैत्र महीने में पड़ती है और ऐसा माना जाता है कि इसी दिन से गर्मी के मौसम की शुरुआत भी हो जाती है। गर्मी के मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जैसे चेचक, खसरा और कई तरह के अन्य संक्रमण इस दौरान बढ़ जाते हैं। शीतला माता को ऐसी देवी के रूप में पूजा जाता है जो अपने भक्तों की सेहत को अच्छा बनाए रखती हैं और बीमारियों से बचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि शीतला माता को बासी और ठंडा भोजन ही अत्यंत प्रिय है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता शीतला पृथ्वी भ्रमण पर ये देखने के लिए निकलीं कि उनकी पूजा कौन करता है। उसी समय गांव में किसी ने उनके ऊपर उबलते चावल का माड़ डाल दिया जिससे उनके शरीर पर छाले निकल आए। उस समय गांव की एक कुम्हारिन ने उनकी मदद की और शीतला माता को ठंडा पानी, दही और ठंडा भोजन कराया जिससे उनके छाले ठीक हो गए। उसी समय से माता को बासी भोजन चढ़ाया जाने लगा।

यह भी पढ़ें- Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन क्यों खाया जाता है ठंडा खाना? यहां जानें वजह

शीतला अष्टमी को चूल्हा जलाने की मनाही क्यों होती है?

माता शीतला को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। पुराने समय में जब चेचक जैसी बीमारियां फैलती थीं, तब लोग माता शीतला की पूजा करते थे और वो रोगों से उपचार के लिए ढाल का काम करती थीं। प्राचीन काल से ही मान्यता है कि माता शीतला को ठंडा या बासी भोजन बहुत प्रिय होता है। इसके साथ ही इस दिन चूल्हा या कोई भी अग्नि वाली वास्तु जलाने से मना किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन चूल्हा जलाने और गर्म भोजन बनाने से माता नाराज हो जाती हैं और परिवार में समस्याएं आने लगती हैं। इसी वजह से सप्तमी तिथि के दिन बनाया गया पुआ, दही, चना और अन्य भोजन माता शीतला को चढ़ाया जाता है और घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है।

शीतला अष्टमी की पूजा विधि क्या है?

sheetla mata puja vidhi

  • शीतला अष्टमी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर साफ वस्त्र धारण करें। कोशिश करें कि आप इस दिन ठंडे पानी से ही स्नान करें।
  • शीतला माता के पूजन के लिए थाली तैयार करें जिसमें एक दिन पहले बना हुआ हलवा, पुआ, भोजन, दही, चावल, गुजिया आदि रखें।
  • पूजा की थाली में रोली या सिंदूर के साथ अक्षत, हल्दी, दीपक, मौली, श्रृंगार की सामग्री और कुछ सिक्के रखें।
  • पूजा के समय माता शीतला को जल अर्पित करें और उनकी आराधना करें। पूजा के साथ माता से संतान और समस्त परिवार के लोगों की अच्छी सेहत की कामना करें।
  • पूजा के बाद घर के सभी सदस्यों मुख्य रूप से बच्चों के माथे पर हल्दी का टीका लगाएं। हल्दी को अत्यंत शुभ माना जाता है और हल्दी का टीका लगाने से संतान की सुरक्षा होती है।
  • शीतला माता को अर्पित किए गए ठंडे भोजन को प्रसाद के रूप में परिवार के साथ ग्रहण करें।

यदि आप शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला का पूजन करती हैं तो आपको यहां बताई पूजा विधि को ध्यान में जरूर रखना चाहिए। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;