
हिंदू धर्म में किसी भी एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है और पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां मनाई जाती हैं। ऐसे ही माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है और यह व्रत विशेष रूप से फलदायी होता है। यह एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इस दिन व्रत करने के साथ भगवान विष्णु का पूजन विशेष रूप से किया जाता है। माघ महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली षटतिला एकादशी का नाम षटतिला इसलिए पड़ा है क्योंकि इस दिन तिल से जुड़े उपाय किए जाते हैं और काले तिल का दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। शास्त्रों की मानें तो षटतिला एकादशी पर काले तिल का दान करने से और कई अन्य उपाय करने से भगवान विष्णु का सदैव आशीर्वाद बना रहता है और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही नहीं इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से आपको पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है और पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें षटतिला एकादशी के कुछ उपायों के बारे में।
यदि आप षटतिला एकादशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी के स्नान करती हैं तो यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। यदि आप नदी में स्नान के लिए नहीं जा पाती हैं तो इस दिन नहाने के पानी में काले तिल मिलाकर उसी पानी से स्नान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काले तिल मिले जल से स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और शरीर के साथ मन भी शुद्ध रहता है।
यह भी पढ़ें- Shattila Ekadashi Daan 2026: नए साल की पहली एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान, बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

षटतिला एकादशी पर काले तिल का दान सबसे श्रेष्ठ उपायों में से एक माना गया है। इस दिन यदि आप किसी गरीब, ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, धन और वस्त्रों के साथ काले तिल का दान करती हैं तो यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। ज्योतिष की माने तो तिल का दान करने से पूर्वजों को भी मुक्ति मिलती है और घर के पितृ दोष दूर होते हैं।
यह भी पढ़ें- Makar Sankranti Upay 2026: मकर संक्रांति के दिन पड़ रही है एकादशी, इन उपायों से सूर्य-नारायण को करें प्रसन्न
षटतिला एकादशी को शाम के समय यदि आप घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें कुछ तिल के दाने डालें, तो यह उपाय पितरों की शांति का एक अच्छा माध्यम हो सकता है। इस उपाय से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक रखने से मुख्य द्वार से किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। इस उपाय से आपके पूर्वजों को शांति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।

पितरों को प्रसन्न करने के लिए षटतिला एकादशी के दिन उनके नाम का तर्पण करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके लिए किसी पवित्र नदी के पास या घर में ही दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके जल में काले तिल डालकर तर्पण करें। इस उपाय से पूर्वजों को शांति मिलती है और किसी भी तरह का पितृ दोष दूर होता है। इस उपाय से आपके जीवन में आने वाली कई बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है।
षटतिला एकादशी के दिन घर पर हवन करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन यदि आप पितरों के निमित्त हवन करती हैं और उसमें काले तिल का इस्तेमाल करती हैं तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। हवन करते समय उसमें काले तिल, घी और हवन समिधा का प्रयोग करें। इस दिन घर में हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
यदि आप षटतिला एकादशी के दिन यहां बताए उपायों को आजमाएं तो आपको ईश्वर के आशीर्वाद के साथ पूर्वजों का भी आशीर्वाद मिलता है और घर के सभी पितृ दोष दूर हो सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: Shutterstock.com
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।