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Navratri Day 3 Puja Vidhi & Mantra 2026: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन इस विधि से करें मां चंद्रघंटा की पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी

Maa Chandraghanta Puja Vidhi 2026: चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, जिनकी पूजा से साहस और आत्मबल बढ़ता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजन करने पर भय, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आइए जानें इस दिन की सही पूजा विधि के बारे में।
Editorial
Updated:- 2026-03-20, 15:39 IST

चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है। यह स्वरूप शक्ति, साहस और शांति का अद्भुत संगम होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से माता की पूजा करने से जीवन के सभी भय दूर होते हैं और व्यक्ति के आत्मबल में वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि माता दुर्गा का पूजन हमेशा विधि-विधान से करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और सही विधि से किया गया पूजन फलदायी होता है। नवरात्रि के नौ दिन माता के अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित होते हैं। अगर आप भी व्रत करती हैं और अलग-अलग दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का पूजन करती हैं तो चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा विधि के बारे में ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जरूर जानें।

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि (Maa Chandraghanta Puja Vidhi 2026)

maa chandra ghanta puja vidhi

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए। ऐसा करने से माता का आशीर्वाद बना रहता है। आइए जानें पूजा की यही विधि क्या है-

  • नवरात्रि के चौथे दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ और पवित्र वस्त्र धारण करें।
  • इस दिन सफेद या सुनहरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
  • पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करके मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। यदि आपके पास माता चंद्रघंटा की प्रतिमा नहीं है, तो माता दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें।
  • पूजन के दौरान मां चंद्रघंटा की व्रत कथा का पाठ जरूर करें।
  • मां को केवड़ा, गुलाब और कमल के पुष्प अर्पित करें। भोग में खीर, गुड़ और पुए अर्पित करें।
  • पूजा के दौरान घंटा या शंख जरूर बजाएं, क्योंकि यह मां के स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।
  • पूजा के समापन के समय में मां चंद्रघंटा की आरती का पाठ अवश्य करें।
  • पूजा के दौरान पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

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मां चंद्रघंटा की पूजा के मंत्र (Maa Chandraghanta Puja Mantra)

मां की पूजा में अलग-अलग मंत्रों का विशेष महत्व होता है। इनके जाप से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन शांत रहता है। यदि आप नवरात्रि के तीसरे दिन कुछ मंत्रों का जाप करें तो जीवन में सदैव मां चंद्रघंटा का आशीर्वाद बना रहता है।

  • मां चंद्रघंटा का स्तुति मंत्र: पिंडज प्रवरा चण्डकोपास्ता प्रसादं तनुते मह्यम्। चंद्रघंटेति विश्रुता॥
  • मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र:-ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे॥
  • मां चंद्रघंटा का संकल्प मंत्र:-श्री दुर्गा नवरात्र तृतीय दिन मम भय शांति आत्मबल वृद्धये श्रद्धया चंद्रघंटा देवी पूजयामि।

मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप

मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और शक्तिशाली माना जाता है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी वजह से उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां के दस हाथ होते हैं, जिनमें वो विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और कमल पुष्प धारण करती हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस और वीरता का प्रतीक माना जाता है। यह स्वरूप इस बात का प्रतीक होता है कि मां अपने भक्तों को शांति और सौम्यता के साथ-साथ हर संकट से बचाने के लिए रौद्र रूप भी धारण कर सकती हैं।

यदि आप चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा का पूजन यहां बताई विधि के अनुसार करेंगी तो पूजा का पूर्ण फल मिलता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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