mauni amavasya 2026 date

Mauni Amavasya Date 2026: 18 या 19 जनवरी, कब है मौनी अमावस्या? जानें पितरों की पूजा का शुभ मुहूर्त एवं महत्व

Mauni Amavasya Kab Hai 2026: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास की मौनी अमावस्या पर गंगा जैसी पवित्र नदियों का जल अमृत के समान हो जाता है जिसमें स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
Editorial
Updated:- 2026-01-16, 13:25 IST

मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है क्योंकि इस दिन मन को नियंत्रित करने के लिए मौन रहने का संकल्प लिया जाता है जिससे मानसिक शांति और आत्मबल की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास की इस अमावस्या पर गंगा जैसी पवित्र नदियों का जल अमृत के समान हो जाता है जिसमें स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, यह दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है जिसमें तर्पण और दान-पुण्य करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि इस साल कब पड़ रही है मौनी अमावस्या, क्या हैं इस दिन पितरों की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व? 

मौनी अमावस्या 2026 कब है? (Mauni Amavasya Kab Hai)

हिंदू पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या का आरंभ 18 जनवरी 2026, रविवार के दिन दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से होगा। वहीं, इसका समापन 19 जनवरी 2026, सोमवार के दिन दोपहर 01 बजकर 21 मिनट पर होगा। 

चूंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है इसलिए स्नान-दान और मुख्य व्रत 19 जनवरी, सोमवार को करना भी शास्त्र सम्मत रहेगा, लेकिन पितृ कार्य के लिए 18 जनवरी की दोपहर का समय भी बहुत महत्वपूर्ण है।

mauni amavasya 2026 kab hai

मौनी अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त (Mauni Amavasya Snan Muhurat 2026)

पंचांग के अनुसार, अमावस्या का स्नान-दान हमेशा उदया तिथि के अनुसार होता है। ऐसे में मौनी अमावस्या का स्नान-दान 19 जनवरी को सुबह 5 बजकर 27 मिनट से आरंभ होगा और सुबह 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

इसके अलावा, अगर आप सुबह के समय स्नान-दान नहीं कर पाएं तो शाम को 5 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक के मध्य में भी स्नान-दान संपन्न कर सकते हैं। यह मुहूर्त भी व्यक्ति को अमृत फल प्रदान करेगा।

यह भी पढ़ें- Amavasya List 2026: जनवरी से दिसंबर तक कब-कब है अमावस्या? पंडित जी से जानें सभी तिथियों के शुभ मुहूर्त

मौनी अमावस्या 2026 पितृ पूजा मुहूर्त 

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। पितृ पूजा के लिए दोपहर का समय 'कुतप काल' सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसे में 18 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से दोपहर 1 बजकर 52 मिनट का मुहूर्त पितृ पूजा के लिए श्रेष्ठ है।

वहीं, अमावस्या के स्नान-दान के बाद जो लोग पितृ पूजा करते हैं उनके लिए 19 जनवरी को पितृ पूजा का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस दौरान पितृ पूजा से पितृ दोष दूर होगा। 

kab hai mauni amavasya 2026

मौनी अमावस्या 2026 महत्व

मौनी अमावस्या पर विधि-विधान से पूजा और स्नान करने के अनगिनत लाभ हैं। मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण करने से व्यक्ति का चंचल मन शांत होता है और इच्छाशक्ति मजबूत होती है। व्यक्ति को मानसिक बल प्राप्त होता है। 

इस दिन पितरों के लिए तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और वंश वृद्धि व सुख का आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि माघ अमावस्या पर गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में हुए सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इस दिन काले तिल का दान करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दुष्प्रभावों में कमी आती है। पवित्र नदियों के संगम पर स्नान करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।

यह भी पढ़ें- Mauni Amavasya Upay 2026: पितृ दोष नहीं छोड़ रहा पीछा, मौनी अमावस्या पर इन उपायों से दूर करें पूर्वजों की नाराजगी

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

FAQ
मौनी अमावस्या के दिन क्या दान करें?
मौनी अमावस्या के दिन अन्न, धन और गरम वस्त्र का दान करें।
मौनी अमावस्या के दिन किसकी पूजा होती है?
मौनी अमावस्या के दिन भगवान शिव, पितृ और तुलसी की पूजा होती है।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;