
भारतीय संस्कृति में मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक रूप से बहुत बड़ा माना जाता है। साल 2026 में जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो 'उत्तरायण' की शुरुआत होगी जिसे देवताओं का समय कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए दान और पूजा-पाठ का फल कभी खत्म नहीं होता। लेकिन इस पवित्र दिन पर कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है।
वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, मकर संक्रांति पर की गई छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है और सूर्य देव को नाराज कर सकती है। अगर आप इस दिन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो जीवन में संघर्ष और मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसलिए, सूर्य देव की कृपा पाने और दोषों से बचने के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि इस दिन आपको क्या काम करने चाहिए और किन चीजों से सख्त परहेज करना चाहिए।
मकर संक्रांति 2026 पर क्या करें
मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। अगर आप नदी तक नहीं जा सकते तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल और काले तिल डालकर स्नान करें। इससे शरीर की शुद्धि के साथ-साथ ग्रह दोष भी शांत होते हैं।

स्नान के बाद भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें जिसमें लाल फूल, अक्षत और तिल जरूर डालें। सूर्य मंत्रों का जाप करें। सूर्य चालीसा का पाठ करें। यह कार्य सूर्य देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है।
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इस दिन दान की महिमा अपरंपार है। 2026 की मकर संक्रांति पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को तिल, गुड़, कंबल, खिचड़ी और ऊनी कपड़ों का दान करें। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना और पितरों के निमित्त तर्पण करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
भोजन में विशेष रूप से खिचड़ी और तिल-गुड़ का सेवन करें क्योंकि यह न केवल धार्मिक रूप से शुद्ध है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी लाभदायक माना जाता है।
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मकर संक्रांति के दिन कुछ विशेष कार्यों से बचना चाहिए ताकि सूर्य देव का प्रकोप न झेलना पड़े। सबसे जरूरी बात यह है कि इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन बिल्कुल न करें।

शास्त्रों के अनुसार, संक्रांति के दिन घर के अंदर या बाहर किसी भी व्यक्ति को अपशब्द नहीं कहने चाहिए और न ही किसी गरीब या लाचार व्यक्ति का अपमान करना चाहिए।
ऐसा करने से कुंडली में सूर्य कमजोर होता है और मान-सम्मान में कमी आती है। इसके अलावा, इस दिन स्नान और दान किए बिना कुछ भी खाने-पीने से बचना चाहिए। सुबह देर तक सोए रहना भी इस पर्व पर वर्जित माना गया है क्योंकि यह सूर्य की ऊर्जा का स्वागत करने का समय होता है।
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घर में कलेश न करें और न ही तुलसी के पत्तों को तोड़ें। मकर संक्रांति पर पेड़ों की कटाई-छंटाई करना भी अशुभ माना जाता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप सूर्य दोष के बुरे परिणामों से बच सकते हैं।
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