
घर में पालतू जानवर रखने का ट्रेंड आज का नहीं है। हमारे देश में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है। पहले लोग घर में गाय-भैंस, बकरी आदि रखते थे। लेकिन बदलते जमाने और पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बाद से लोग घरों में कुत्ता या बिल्ली ज्यादा पालने लगे हैं। घर में पालतू जानवर का होना आपकी मानसिक सेहत के साथ-साथ ज्योतिषास्त्र की नजर में भी अच्छा माना गया है। जी हां, ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, पालतू जानवर घर के वातावरण को खुशहाल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनका सही तरीके से पालन करने से भाग्य में भी वृद्धि होती है। हालांकि, इन्हें गलत तरह से रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खासकर, घर के अंदर जानवरों को बांधकर रखना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ठीक नहीं माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि हर जीव में एक खास ऊर्जा होती है, जो घर के सदस्यों को प्रभावित करती है। जैसे- कुत्ते को शनि और राहु ग्रहों से जोड़कर देखा जाता है, वहीं गाय और बैल बृहस्पति और चंद्रमा से जुड़े होते हैं। ऐसे में जानवरों को बांधकर रखना और उचित देखभाल न करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में जानवरों को बांधकर रखने कितना सही है कितना नहीं, इस बारे में हमें पंडित आचार्य उदित नारायण त्रिपाठी ने बताया है।

घर में पालतू जानवर रखना शुभ माना जाता है। लेकिन, अगर उन्हें बांधकर रखा जाए तो वह कराहते हैं और आजादी से घूमने के लिए झटपटाते हैं। ऐसे में उनके चारों तरफ नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, जो घर में भी फैलती है। ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र के मुताबिक, यह शनि और राहु के अशुभ प्रभाव को बढ़ा सकता है।
इसे भी पढ़ें: अपनी राशि के अनुसार घर में रखें पेट्स, बनी रहेगी समृद्धि
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, घर में कुत्ता पालना आपके शनि और राहु दोष कम कर सकता है। लेकिन, अगर कुत्ता घर में रोता है या परेशान रहता है तो ग्रहों के दोष बढ़ भी सकते हैं। ऐसे में कुत्ते को लंबे समय तक बांधकर नहीं रखने की सलाह दी जाती है। क्योंकि, कुत्ते के रोने या परेशान होने से केवल ग्रह दोष ही नहीं घर के सदस्यों को आर्थिक तंगी और करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
पालतू जानवरों को लंबे समय तक बांधकर रखा जाए तो वह तनावग्रस्त हो सकते हैं। पालतू जानवरों के तनावग्रस्त होने से घर के सदस्यों की मानसिक शांति भी प्रभावित हो सकती है। जिसकी वजह से परिवार में झगड़े और असहमति बढ़ सकती है। यह सबसे ज्यादा उन लोगों पर प्रभाव डालता है जिनकी कुंडली में राहु या शनि कमजोर स्थिति में होते हैं।

वास्तु शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि अगर किसी घर में पशु-पक्षी बीमार रहते हैं या रोते-बिलखते हैं, तो यह घर के सदस्यों की सेहत पर भी असर डालता है। खासतौर पर कुत्ते का रोना, गाय-बैल का तनाव घर के सदस्यों की सेहत पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।
इसे भी पढ़ें: इन जानवरों को घर में पालने से हो सकता है धन लाभ
शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जीवों की सेवा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर जीवों को परेशान करता है या उन्हें पीड़ा देता है, तो उसे अपने कर्मों के अनुसार दंड भुगतना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, यह पितृ दोष और शनि की साढ़ेसाती को भी बढ़ा सकता है।
हमारी स्टोरी से रिलेटेड अगर कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे।
अगर आपको स्टोरी अच्छी लगी है, इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।
Image Credit: Meta AI
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।