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क्या Basant Panchami के अगले दिन मां सरस्वती का विसर्जन करना सही है?

बसंत के अगले दिन कई सारे लोग मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन करते हैं, लेकिन क्या ये करना सही है। इसके बारे में पंडित जी से विस्तार से जानते हैं।
Editorial
Updated:- 2026-01-22, 18:49 IST

बसंत पंचमी इस साल 23 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन लोग अपने घरों में मां सरस्वती का आगमन करेंगे। इन्हें विराजमान करेंगे और विधि-विधान के साथ पूजा करेंगे। इसके बाद अगले दिन इनकी विसर्जन करके विदाई कर देंगे, लेकिन क्या बसंत पंचमी के अगले दिन मां सरस्वती का विसर्जन करना सही है? आइए इसके बारे में विस्तार से वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानते हैं कि विसर्जन क्यों किया जाता है और ये कितना ठीक है।

बसंत पंचमी के अगले दिन क्यों किया जाता सरस्वती विसर्जन?

हिन्दू धर्म में बसंत पंचमी का दिन देवी सरस्वती की पूजा का होता है। परंपरा के अनुसार, अगर आपने किसी भी बड़ी मूर्ति को स्थापित किया है, तो ऐसे में इसका विसर्जन भी जरूर किया जाता है। इसके लिए मुहूर्त और सही समय का खास ध्यान रखा जाता है, ताकि आपके द्वारा सही मुहूर्त में मुर्ति का विसर्जन हो सके।

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विसर्जन की सही विधि और समय

  • हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी के अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद और षष्ठी तिथि के दौरान विसर्जन करना शुभ होता है।
  • विसर्जन से पहले मां सरस्वती की पूजा होती है। इसमें मां को दोबारा धूप, दीप और भोग अर्पित किया जाता है और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी जाती है।
  • मूर्ति विसर्जन से पहले पूजा के कलश को हिलाया जाता है और उसके जल का छिड़काव पूरे घर में किया जाता है, ताकि घर में विद्या और सुख-शांति बनी रहे।
  • इसके बाद मां सरस्वती की मुर्ति का विसर्जन किया जाता है।

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विसर्जन करते समय किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद मूर्ति विसर्जन से बचना चाहिए। यदि अगले दिन सुबह विसर्जन करना संभव न हो, तो बसंत पंचमी के दिन ही शाम से पहले विसर्जन किया जा सकता है।
  • आज के समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि हम मिट्टी की इको-फ्रेंडली मूर्तियों का उपयोग करें।
  • यह मां के प्रति हमारे आदर और कृतज्ञता को दर्शाता है कि हमने उन्हें सत्कार के साथ अपने घर में स्थान दिया और अगले दिन विदा किया।

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आप भी बसंत पंचमी के अगले दिन मूर्ति का विसर्जन कर सकती हैं, लेकिन कुछ खास चीजों का ध्यान रखकर ही इसे पूरा करें। आप इसके लिए पंडित जी से मुहूर्त निकलवा सकती हैं और सही समय पर इस प्रक्रिया को पूरी कर सकती हैं।

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Image Credit-Freepik/ Gemini

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