
3 मार्च 2026, मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण है और इसका प्रभाव भी भारत में पूर्ण रूप से पड़ेगा। ऐसे में लोगों के अंदर यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर सूतक काल से पहले यदि भोजन पकाना हो तो धार्मिक दृष्टि से सही मुहूर्त क्या होना चाहिए? इसलिए हमने मध्यन पद्रेश, उज्जैन के पंडित एंव ज्योतिषाचार्य मनीष शर्मा से इस विषय पर बात की और जाना कि चंद्र ग्रहण वाले दिन भोजन पकाने का सही समय क्या होगा।
पंडित मनीष कहते हैं, "चंद्रमा पर ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। बहुत से श्रृद्धलू सूतक काल से लेकर ग्रहण के समाप्त होने तक व्रत रखते हैं। वहीं जो ऐसा नहीं कर पाते हैं, वह भोजन को तुलसी की पत्ती के साथ ग्रहण करते हैं। हांलाकि, कुछ लोगों में इस बात को लेकर भ्रम है कि चंद्र ग्रहण के दिन आखिर कब भोजन पकाया जाए? ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोग जान लें कि सूतक काल से पहले ही भोजन पकाया जा सकता है। "
इतना ही नहीं, पंडित मनीष चंद्र ग्रहण के दिन भोजन पकाने का सही समय भी बताते हैं। वही कहते हैं, "अच्छा तो यही होगा कि भोजन एक रात पहले ही पका लें और उसमें तुलसी डालकर रख दें।" वहीं जो लोग बासी खाने से परहेज करते हैं, वह नीचे बताए गए मुहूर्त पर भोजन पका सकते हैं।
3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सूतक लग जाएगा, इसके बाद से शाम 6:30 बजे तक भोजन नहीं पकाया जा सकता है। ऐसे में पंडित मनीष की मानें, तो भोजन सुबह उठकर ब्रह्म मुहूर्त या उषा काल में बनाया जा सकता है। पंडित मनीष कहते हैं, " उषा काल में क्योंकि सूतक लग रहा है और 5 बजकर 5 मिनट से लेकर 5 बजकर 55 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त है, तो भोजन पकाने के लिए यह समय सबसे बेस्ट है। "
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चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल में तो भोजन किया जा सकता है, मगर ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए। पंडित मनीष कहते हैं, " अगर कोई गर्भावति महिला है और वह भोजन करना चाहे तो ग्रहण काल में भी भोजन किया जा सकता है, मगह पहले ही उस भोजन में तुलसी का पत्ता डाल लेना चाहिए।"
देखा जाए तो चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक नियमों का पालन करते हुए भोजन की व्यवस्था पहले से कर लेना ही उचित है। सूतक से पहले ब्रह्म मुहूर्त में भोजन बनाना सबसे उत्तम विकल्प माना गया है। साथ ही तुलसी की पत्ती का उपयोग भोजन की शुद्धता बनाए रखने के लिए किया जाना चाहिए।
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इस प्रकार यदि आप भी 3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आचरण करना चाहते हैं, तो सूतक और ग्रहण काल के समय का विशेष ध्यान रखें और भोजन से जुड़े नियमों का पालन करें। लेख में बताई गई जानकारी अगर आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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