
आज रविवार, 08 मार्च 2026 का दिन सूर्य देव की कृपा पाने और जीवन में नया आत्मविश्वास जगाने के लिए बहुत ही खास और महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पवित्र चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रात 09:14 बजे तक रहेगी, जिसके ठीक बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। रविवार का दिन मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित होता है। आज के दिन सूर्य देव को जल चढ़ाने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है। आज बहुत ही खास संयोग बन रहे हैं। दोपहर 01:32 बजे तक स्वाति नक्षत्र रहेगा और उसके बाद विशाखा नक्षत्र लग जाएगा। इसके साथ ही, आज सुबह 07:02 बजे तक ध्रुव योग रहेगा, जिसके बाद व्याघात योग लग जाएगा। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय और जीवन की हर परेशानी को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।
आज चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। पंचमी तिथि को विद्या और ज्ञान की प्राप्ति के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह एक पूर्णा तिथि है, इसलिए आज के दिन किए गए अच्छे काम जीवन में पूरा फल देते हैं। आज के दिन परिवार के साथ समय बिताना और आपसी मतभेद भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करना बहुत अच्छा रहता है। आज सुबह 07:02 बजे तक ध्रुव योग रहेगा, जो जीवन में स्थिरता देता है। लेकिन इसके बाद व्याघात योग शुरू हो जाएगा। 'व्याघात' का मतलब होता है रुकावट या चोट लगना। इसलिए सुबह 07:02 बजे के बाद आपको हर काम थोड़ा सोच-समझकर करना चाहिए। गाड़ी चलाते समय या घर के बाहर काम करते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी से भी बेकार की बहस न करें, नहीं तो बात बिगड़ सकती है और रिश्तों में रुकावट आ सकती है।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पंचमी (रात 09:14 बजे तक) | स्वाति | रविवार | ध्रुव | कौलव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 26 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 16 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | रात 10 बजकर 44 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 09 बजकर 01 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 34 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 25 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 32 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | शाम 04 बजकर 58 मिनट से 06 बजकर 29 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 01 बजकर 57 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक |
रविवार को राहु काल शाम के समय होता है। इस दौरान किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत, या बड़े पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य के दिन स्वाती नक्षत्र पड़ता है, तब यह संयोग व्यक्ति को आत्मबल बढ़ाने, बाधाओं से निकलने और अपने जीवन में नई दिशा देने का अवसर देता है। इस समय किए गए दान, जप, तप और सूर्य उपासना का विशेष फल मिलता है। परंपरा के अनुसार इस दिन प्रातःकाल सूर्य को अर्घ्य देना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है। स्वाती नक्षत्र की प्रकृति चलायमान और स्वतंत्र मानी जाती है, इसलिए इस योग में व्यापार, यात्रा, शिक्षा या नए कौशल सीखने से जुड़े कार्य भी अच्छे परिणाम दे सकते हैं। कुल मिलाकर रविवार और स्वाती नक्षत्र का संयोग व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास, स्वतंत्र सोच और सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला विशेष ज्योतिषीय समय माना जाता है।

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