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04 मार्च 2026 आज बुधवार है। आज से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो रही है । आज पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पूर्वा फाल्गुनी का अर्थ है 'सौभाग्य' या 'विश्राम'। इसके स्वामी शुक्र हैं और देवता भग हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता, आराम, कला और जीवन में आनंद का प्रतीक है। इसके साथ ही आज अत्यंत शुभ धृति योग बन रहा है। धृति का अर्थ है धैर्य और दृढ़ता। बुधवार , पूर्वा फाल्गुनी और धृति योग का यह मिलन आज के दिन को कलात्मक कार्यों, व्यापारिक योजनाओं और आपसी प्रेम व सौहार्द के लिए बहुत शुभ बनाता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। प्रतिपदा तिथि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण आज रंगों के उत्सव में अपनों के साथ प्रेम और सौहार्द बांटना अत्यंत शुभ है। आज के दिन गणेश जी को गुलाल और दूर्वा अर्पित करने तथा ॐ गं गणपतये नमः का जाप करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और व्यापार में वृद्धि होती है। धृति योग में किया गया संकल्प और दान-पुण्य स्थिर फल देता है। आज गाय को हरा चारा खिलाना या किन्नरों को दान देना बुध और शुक्र दोनों ग्रहों को बलवान बनाता है।
आज बुधवार है, इसलिए दिन की शुरुआत लाभ चौघड़िया से हो रही है।
बुधवार की सुबह लाभ चौघड़िया से शुरू होना बहुत ही शुभ संकेत है। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र की आनंददायक ऊर्जा के साथ यह समय नए संकल्प लेने, अपनों से मिलने और धन संबंधी योजनाओं के लिए श्रेष्ठ है।
अमृत चौघड़िया का समय यह दिन का सबसे सकारात्मक और शुभ समय है। किसी महत्वपूर्ण चर्चा, कलात्मक कार्य या बड़ों से आशीर्वाद लेने के लिए अतिश्रेष्ठ है
काल चौघड़िया में थोड़ा सतर्क रहें। काल चौघड़िया अज्ञात भय या कार्यों में विलंब पैदा कर सकता है। रंग खेलते समय या यात्रा करते समय सावधानी बरतें और वाद-विवाद से दूर रहें।
शुभ चौघड़िया में राहुकाल है वैसे तो यह शुभ समय है, लेकिन बुधवार को दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए 12:00 बजे तक ही इस शुभ चौघड़िया का लाभ लें। 12:00 बजे के बाद राहुकाल के प्रभाव में शुभ या नए कार्य रोक दें।
रोग चौघड़िया में पूरी तरह से राहुकाल और रोग चौघड़िया के प्रभाव में है। स्वास्थ्य नरम रह सकता है और थकान महसूस हो सकती है। विश्राम करें और गरिष्ठ भोजन से बचें।
उद्वेग चौघड़िया में मन में थोड़ी चिंता या भटकाव हो सकता है। धृति योग आपको यहाँ धैर्य रखने की सलाह देता है। ठंडे दिमाग से काम लें।
चल चौघड़िया में स्थिति सामान्य होगी। शुक्र के नक्षत्र के प्रभाव से कला, मनोरंजन और यात्रा से जुड़े कार्यों के लिए यह समय बहुत ही उत्तम है।
दिन का समापन लाभ चौघड़िया से होगा। शाम को व्यापारिक एकाउंटिंग और अगले दिन की तैयारी के लिए यह समय बहुत शुभ है।
| मुहूर्त का नाम | समय |
| लाभ | 06:29 बजे से 07:57 बजे तक |
| अमृत | 07:57 बजे से 09:25 बजे तक |
| काल | 09:25 बजे से 10:53 बजे तक |
| शुभ | 10:53 बजे से 12:21 बजे तक |
| रोग | 12:21 बजे से 01:49 बजे तक |
| उद्वेग | 01:49 बजे से 03:17 बजे तक |
| चल | 03:17 बजे से 04:45 बजे तक |
| लाभ | 04:45 बजे से 06:14 बजे तक |
| मुहूर्त का नाम | समय |
| उद्वेग | 06:14 बजे से 07:48 बजे तक |
| शुभ | 07:46 बजे से 09:18 बजे तक |
| अमृत | 09:18 बजे से 10:50 बजे तक |
| चल | 10:50 बजे से 12:22 बजे तक |
| रोग | 12:22 बजे से 01:54 बजे तक |
| काल | 01:54 बजे से 03:26 बजे तक |
| लाभ | 03:26 बजे से 04:58 बजे तक |
| उद्वेग | 04:58 बजे से 06:29 बजे तक |
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