herzindagi
What is Lock-In Period In Budge

Union Budget 2026: हलवा खाते ही क्यों 'कैद' हो जाते हैं अधिकारी? शायद ही आप जानती होंगी Lock-In Period का पूरा सच

What is Lock-In Period In Budget: हर साल 1 फरवरी को यून‍ियन बजट पेश क‍िया जाता है। इसके पहले कई तरह की रस्‍में न‍िभाई जाती हैं। बजट तैयार होने पर हलवा सेरेमनी का आयोजन क‍िया जाता है। इसके बाद बजट (Union Budget 2026) से जुड़े अध‍िकार‍ियों को लॉक-इन पीर‍ियड में भेज द‍िया जाता है। आज हम आपको लॉक-इन पीर‍ियड के बारे में वि‍स्‍तार से जानकारी दे रहे हैं।
Editorial
Updated:- 2026-02-02, 15:10 IST

जनवरी का महीना जैसे शुरू होता है, वैसे-वैसे बजट की चर्चा तेज हो जाती है। हर साल 1 फरवरी को सरकार यून‍ियन बजट (Union Budget 2026) पेश करती है। आम आदमी से लेकर शेयर मार्केट तक को बजट का बेसब्री से इंतजार होता है। बजट जारी करने से पहले कई तरह की परंपराएं न‍िभाई जाती हैं, लेक‍िन क्‍या आप जानती हैं क‍ि बजट जारी होने से पहले कुछ अध‍िकारी एकदम 'गायब' हो जाते हैं?

आख‍िर हलवा सेरेमनी के बाद ऐसा क्‍या होता है क‍ि क‍िसी भी अध‍िकारी को बाहर जाने की अनुमत‍ि नहीं होती है? इसे ही लॉक-इन पीर‍ियड (What is Lock-In Period in Budget) कहा जाता है। आज हम आपको इसके बारे में विस्‍तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-

union budget 2026

बजट से पहले न‍िभाई जाती है हलवा सेरेमनी (What Is Halwa Ceremony)

आपको बता दें क‍ि यूनियन बजट जारी होने से पहले वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) में एक खास रस्म निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है। नॉर्थ ब्लॉक में बड़ी कड़ाही में हलवा बनाया जाता है और वित्त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) खुद वहां मौजूद रहती हैं। ये हलवा बजट तैयार करने वाले अधिकारियों और स्टाफ में बांटा जाता है।

यह भी पढ़ें- Union Budget 2026: एक फरवरी को रविवार, फ‍िर भी जारी होगा बजट; जानिए इस बार क्‍या होगा खास

हलवा सेरेमनी का मतलब फाइनल हाे गया है बजट (Budget Rituals)

ये सिर्फ एक स्‍वीट ड‍िश नहीं होती है, बल्कि इसका मतलब होता है कि अब बजट अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है। बड़े फैसले, आंकड़े और प्रस्ताव लगभग फाइनल हो चुके होते हैं। हलवा सेरेमनी के साथ ही ये भी साफ हो जाता है कि अब गोपनीयता सबसे ज्यादा जरूरी है।

लॉक-इन पीर‍ियड में चले जाते हैं अध‍िकारी (Lock-In Period In Budget 2026)

हलवा सेरेमनी खत्‍म होते ही जो अध‍िकारी बजट से जुड़े होते हैं, उन्‍हें लॉक-इन पीर‍ियड में भेज दि‍या जाता है। उनके ल‍िए एक जगह फ‍िक्‍स कर दी जाती है, यहां से उन्‍हें बाहर जाने की भी परम‍िशन नहीं होती है। न ही उनके घर-पर‍िवार का कोई भी सदस्‍य म‍िलने आ सकता है।

nirmala sitharaman

अध‍िकार‍ियों के जब्‍त कर ल‍िए जाते हैं फोन

जब अध‍िकार‍ियों को लॉक-इन पीर‍ियड में भेजा जाता है, तब उनके फोन भी जब्‍त कर ल‍िए जाते हैं। इंटरनेट, सोशल मीडिया, ईमेल या किसी भी तरह के संपर्क पर पूरी तरह से रोक रहती है। इसका सीधा मकसद ये है क‍ि बजट की जानकारी बाहर न लीक हो सके।

यह भी पढ़ें- Union Budget 2026: अब आप तय करेंगी देश का बजट, सरकार ने आम जनता से मांगे सुझाव; घर बैठे कैसे भेजें अपनी राय?

बजट में होता है पूरा ह‍िसाब-क‍िताब

दरअसल, बजट में टैक्स से लेकर सब्सिडी, योजनाओं और खर्च का पूरा हिसाब-क‍िताब होता है। अगर इसकी जानकारी पहले लीक हो जाएगी तो शेयर बाजार में बड़ा खेल हो सकता है। कुछ लोग इसका गलत फायदा भी उठा सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

union budget 2026 (1)

इसी वजह से सरकार कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती है। सबको एक ही समय पर, एक ही जानकारी मिले, यही इस लॉक-इन पीर‍ियड का उद्देश्‍य होता है।

कितने दिन चलता है लॉक-इन पीरियड?

आमतौर पर लॉक-इन पीरियड सात से 10 दिन का होता है। हालांक‍ि, ये इस बात पर निर्भर करता है कि बजट कितना बड़ा है और उसकी छपाई में कितना समय लग रहा है। बजट पेश होने तक अधिकारी उसी परिसर में रहते हैं, जहां बजट के दस्तावेज तैयार और प्रिंट क‍िए जाते हैं।

यह भी पढ़ें- Union Budget 2026: कौन बनाता है भारत का बजट? हलवा सेरेमनी से लेकर लॉक-इन पीरियड तक, जानें हर दिलचस्प जानकारी

कब से चली आ रही ये परंपरा?

लॉक-इन पीरियड ब्रिटिश दौर से चली आ रही है। खासकर 1950 में बजट से जुड़ी जानकारी लीक होने के बाद इस व्यवस्था को और सख्त बना दिया गया था। पहले बजट की छपाई राष्ट्रपति भवन के पास होती थी, लेकिन बाद में इसे नॉर्थ ब्लॉक के सुरक्षित परिसर में शिफ्ट कर दिया गया।

बजट पेश होते ही मिलती है ‘आजादी’

जैसे ही वित्त मंत्री संसद में बजट भाषण पढ़ना शुरू करती हैं, उसी समय लॉक-इन पीरियड खत्म हो जाता है। इसके बाद अधिकारियों को उनके फोन वापस मिलते हैं और वे बाहर जा सकते हैं।

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik/X

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।