
राघव चड्ढा पिछले कुछ वक्त से संसद में कई ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हो रही है और जो हर तरह से आम आदमी से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर वो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में भी हैं। हाल ही में उन्होंने 'पैटरनिटी लीव' की मांग को लेकर सदन में बात की और इसे लेकर परिणीति चोपड़ा ने भी उनकी जमकर तारीफ है। चलिए आपको बताते हैं कि राघव ने इसे लेकर क्या कहा है और फिलहाल देश में पैटरनिटी लीव को लेकर क्या नियम हैं?
View this post on Instagram
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में एक अहम मांग उठाई है। रिचार्ज की वैलिडिटी, एयरपोर्ट पर महंगे फूड्स और मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बाद अब उन्होंने भारत में पितृत्व अवकाश यानी पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है। राघव ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बच्चे के जन्म पर बधाई तो मां और पिता दोनों को दी जाती है, लेकिन बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ मां को ही सौंप दी जाती है, जो कि असल में गलत है। उन्होंने ये भी कहा कि बच्चे की देखरेख में पिता की भी उतनी ही भूमिका होनी चाहिए, जितनी मां की होती है, लेकिन कई बार पिता के लिए ये बहुत मुश्किल होता है और बच्चे और पत्नी की तरफ अपना फर्ज निभाने के लिए नौकरी और बच्चे में से किसी एक को चुनना पड़ता है, लेकिन ये सही नहीं है। राघव ने मांग की कि मैटरनिटी लीव की तरह ही पैटरनिटी लीव को भी कानूनन अनिवार्य किया जाए।
परिणीति चोपड़ा ने इस मुद्दे पर राघव की तारीफ की और लिखा कि उन्हें काफी गर्व महसूस हो रहा है कि आज वो राघव को एक सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक पिता के तौर पर बोलता हुआ देख रही हैं और ये एक ऐसा पल है, जिसे वो लंबे समय तक संजोकर रखेंगी।

भारत में पैटरनिटी लीव को लेकर क्या कानून है, ये जानने के लिए हमने दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रवीण झा से बात की। उन्होंने बताया, "महिलाएं जब मां बनती हैं तो मां को छुट्टी देने के लिए अब कानून है जहां उन्हें पर्याप्त मात्रा में छुट्टी देने का प्रावधान है, लेकिन जहां पिता की बात आती है वहां कानूनन प्रावधान कमजोर नजर आते हैं। दो स्थितियों से समझते हैं जहां सरकारी कर्मचारियों के लिए सेंट्रल सिविल सर्विसेज कानून, 1972 के मुताबिक पिता को 15 दिन की पेड लीव देने का प्रावधान है, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में हालात इससे भी बुरे हैं जहां पिता को बच्चे के जन्म की छुट्टी देने का कानूनन कोई प्रावधान ही नहीं है अगर कोई छुट्टी मिल भी जाए तो वो उस कंपनी की एच आर पॉलिसी पर निर्भर करता है लेकिन प्राइवेट सेक्टर में छुट्टियां एहसान की तरह नजर आती हैं ना कि अधिकार के तौर पर।
यह भी पढ़ें- आखिर कितनी बार मिल सकती है मैटरनिटी लीव? जानें महिलाओं की बेबी प्लानिंग की छुट्टी को लेकर क्या हैं नियम

यह भी पढ़ें- नौकरी करने वाली पत्नी से Alimony ले सकता है बेरोजगार पति? वकील से जानें क्या है इसके लिए कानून
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिंदगी के साथ
Image credit- Freepik
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।