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डबल काम करने पर क्यों मजबूर है आज का युवा? 9 से 5 की जॉब के बाद कर रहे हैं पार्ट टाइम काम

आज का युवा अपनी 9 से 5 की नौकरी के बाद भी पार्ट-टाइम काम या साइड बिजनेस में क्यों लगा है, इस पर यह लेख प्रकाश डालता है। एक सर्वे के अनुसार, 57% युवा एक से अधिक कामों में लगे हैं। 
Editorial
Updated:- 2026-02-18, 17:00 IST

आज के दौर में करियर की परिभाषा पूरी तरह बदल चुकी है। वह समय चला गया जब 9 से 5 की एक स्थायी नौकरी को जीवन की सुरक्षा माना जाता था। आज का युवा अपनी मुख्य नौकरी के बाद भी कई घंटों तक पार्ट-टाइम काम या साइड बिजनेस में जुटा रहता है। एक ताजा सर्वे के अनुसार, लगभग 57% युवा एक से अधिक कामों में लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह केवल शौक है या मजबूरी? इसके लिए हमने अपने आसपास काम करने वाली महिलाओं से बात की। ऐसे में उनके विचारों को जानना बनता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आज के समय में जो युवा डबल काम कर रहे हैं वे जरूरत के लिए कर रहे हैं या शौक के लिए कर रहे हैं, पढ़ते हैं आगे...

जरूरत और महंगाई का दबाव

26 साल की प्रियंका शाह एक प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव हैं, लेकिन ऑफिस के बाद वह रात 11 बजे तक कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं। प्रियंका का कहना है कि "अगर मैं ईमानदारी से कहूं तो आज के समय में केवल एक सैलरी काफी नहीं है।

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पैसे बहुत कम हैं और खर्चे बहुत ज्यादा हैं। घर का किराया, बिल और फूड में देने के बाद बचत के नाम पर कुछ नहीं बचता। एक जॉब से हमारी जरूरतें भी मुश्किल से पूरी हो पाती हैं, ऐसे में एक्स्ट्रा काम करना अब ऑप्शन नहीं, बल्कि मजबूरी बन गया है।"

बनाना है सपनों का घर

32 साल की रजिया खान टीचर हैं, लेकिन शाम को वह ऑनलाइन कोचिंग क्लासेस भी लेती हैं। रजिया के लिए डबल जॉब एक बड़े लक्ष्य को हासिल करने का जरिया है। वह कहती हैं, "हम अपना खुद का घर बनाने की प्लांनिंग कर रहे हैं। महंगाई में एक सैलरी से घर का सपना पूरा करना मुश्किल है। ईएमआई और कंस्ट्रक्शन के खर्चों को पूरा करने के लिए डबल मेहनत करना जरूरी है। हालांकि थकावट तो होती है, लेकिन अपने घर का सपना ज्यादा अहम है।"

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पहचान भी है जरूरी

48 साल की गोमती देवी की कहानी थोड़ी अलग है। उनके बच्चे अच्छी नौकरियों में हैं और घर में पैसों की कोई तंगी नहीं है, फिर भी वह दिन में स्कूल में काम करने के बाद शाम को अपना छोटा सा सिलाई का बिजनेस चलाती हैं।

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गोमती जी कहती हैं, "मैं केवल पैसों के लिए डबल काम नहीं कर रही हूं। मेरे बच्चे सैटल हैं, लेकिन मैं चाहती हूं कि समाज मुझे मेरे नाम और काम से जाने। यह मेरी पहचान बनाने की कोशिश है। ऐसे में काम करने से जो आत्मविश्वास मिलता है, वह अनमोल है।"  

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Images: Freepik/shutterstock

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