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क्या छंटनी के डर ने छीन ली करियर ग्रोथ? जानिए क्यों 'सेफ गेम' खेलने को मजबूर हैं भारतीय

बता दें कि आज की युवा पीढ़ी जॉब बदलने में काफी सोच विचार कर रही है। वहीं, कुछ लोग सालों साल एक ही कंपनी में टिके हुए हैं। जानते हैं इसके पीछे के कारण के बारे में...
Editorial
Updated:- 2026-01-23, 17:39 IST

कॉर्पोरेट वर्ड में छटनी यानी लेऑफ का शब्द बेहद डरावना शब्द माना जाता है। बीते कुछ सालों में बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों से लेकर स्टार्टअप तक हर जगह से आई नौकरिया के जाने की खबरों ने भारतीय कर्मचारियों के मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। तभी जॉब हॉपिंग के जरिए भारी सैलरी हाइट पाने वाले भारतीय प्रोफेशनल सब सेफ गेम खेलने पर मजबूर हो गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस डर ने हमारी करियर पर ब्रेक लगा दिया है। इस विषय पर जब हमने कुछ युवाओं से बात की तो उनकी सोच बेहद चौंकाने वाली सामने आई। ऐसे में आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आखिर क्यों आज की युवा पीढ़ी जॉब बदलने में इतना संकोच कर रही है और उनके मन में क्या चल रहा है। पढ़ते हैं आगे...

आखिर क्यों जॉब बदलने में सोच रही है युवा?

  • सहारनपुर की रहने वाले हर्षि गर्ग बताती हैं कि वह पिछले 6 सालों से एक ही कंपनी में जॉब कर रही हैं। उनके पास कई ऐसे ऑफर आए हैं, जिन्हें शायद ही कोई ठुकराएगा, लेकिन उन्होंने केवल इस डर से ठुकरा दिया कि कहीं जॉब में काम का प्रेशर ना बढ़ जाए।

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अभी फिलहाल वह जिस कंपनी में हैं, वहां पर अपने कंफर्ट जोन में काम करती हैं। उन्हें वहां वर्क फ्रॉम होम मिला हुआ है। वह अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने में डर महसूस करती हैं।

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  • सिकंदराबाद की पल्लवी यादव बताती हैं कि उन्हें 2 साल से कोई अच्छी जॉब नहीं मिल रही है। वह जहां भी ट्राई करती हैं, वहां पर उन्हें कम पैकेज ऑफर कर रहे हैं। उनकी स्किल्स और उनकी सफलता उस पैकेट के लिए ना बोलने पर मजबूर कर देती है। उनका मानना है कि आज के समय में हर कोई कंपनी टैलेंट की कदर नहीं कर पाती।
  • बता दें कि जब हमने गाजियाबाद की रहने वाली श्रुति अग्रवाल से जॉब सिक्योरिटी पर बात कि तो उनका कहना है कि एक समय था जब वह बिना सोचे समय जॉब चेंज कर लेती थी और अब उन्हें एक कंपनी में 4 साल हो गए हैं, वह अभी सॉफ्टवेयर डेवलपर है, लेकिन उन्हें सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने में काफी टाइम लग रहा है। कंपनियां उनके अनुभव को ना देख कर केवल पैकेज दिखती हैं और उन्हें अच्छा पद नहीं दे पाती है। इसलिए वे जॉब नहीं बदल पा रही हैं।

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  • गाजियाबाद राज नगर एक्सटेंशन की स्मिता रानी बोलती हैं कि उनके पास भी जॉब ऑफर्स काफी हैं, लेकिन छटनी के डर से वह कभी उन्हें हां नहीं कर पाती हैं। उन्हें लगता है कि आजकल बिना बताए जॉब से निकाला जा रहा है और वे अभी लोन भर रही है, जिसके डर से वह जॉब चेंज नहीं कर पा रहीं।

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