herzindagi
pink booth

Pink Booth: आखिर क्या है पिंक बूथ? जानिए महिलाओं के लिए क्यों है जरूरी

महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाएं लागू की जाती है ताकि उनके समस्याओं का समाधान निकाला जा सके। इसके बावजूद महिलाएं शिकायत के लिए आगे नहीं बढ़ पाती है। <div>&nbsp;</div>
Editorial
Updated:- 2024-06-17, 16:49 IST

मॉर्डन और नई सोच वाली दुनिया में आज भी  महिलाएं सुरक्षित नहीं है। जहां एक तरफ कुछ वुमेन्स अपने ऊपर होने वाली प्रताड़ना के खिलाफ खुलकर आवाज उठा पाती है, तो वहीं आज भी आधे से ज्यादा पीड़ित औरते इन परेशानियों के विरोध में बोल नहीं पाती, जिसकी वजह कई बार ऐसी महिलाएं किसी बड़ी समस्या का शिकार हो जाती है। पहले के समय में जहां सुविधा न होने के कारण ये प्रताड़ना का शिकार हुआ करती थी तो वहीं वर्तमान में सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाएं लागू की गई हैं। उनकी मदद से वुमेन्स नंबर डायल कर तुरंत अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकती है। कई बार महिलाएं उस जगह पर जाने से कतराती हैं जहां पर पुरुष वर्ग के लोग काम करते हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि वह अपनी समस्या को उनके सामने खुलकर नहीं बता पाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश के कई राज्यों व जगहों पर पिंक बूथ बनाए गए है।

इस कारण से बनाए गए थे पिंक बूथ

अक्सर औरतें व बच्चियां अपनी बात को पुरुष वर्ग के सामने अच्छी तरह से नहीं रख पाती है। इस वजह से पूरी समस्या का निवारण कर पाना मुश्किल हो जाता है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में एक ऐसी जगह का निर्माण किया गया जहां पर पुलिसकर्मी में महिलाओं की संख्या अधिक की गई थी। उस जगह का नाम पिंक बूथ है। इस बूथ को महिलाओं की समस्या के समाधान के लिए तैयार किया गया। यहां पर शिकायत सुनने से लेकर शिकायतों का रखरखाव करने का जिम्मा केवल महिलाओं को सौंपा गया है। इसका उद्देश्य ताकि यहां पर औरतें बिना डरे सहमें अपनी बात को रख सकें।

इसे भी पढ़ें-बिना शादी युवक के साथ रहने को मजबूर होती हैं महिलाएं, जानें क्या है 'नातरा' या 'नाता' प्रथा

पिंक बूथ पर मुहैया कराई गई ये सुविधाएं

Pink booth history

पिंक बूथ पर पुलिसकर्मियों के अलावा शिकायतकर्ता महिलाओं के बैठने के लिए व्यवस्था के साथ पीने के पानी से लेकर कंप्यूटर सिस्टम आदि की सुविधा मुहैया कराई गई थी। इसके अलावा महिला पुलिस कर्मियों को स्कूटी और हेलमेट भी दिए गए थे। बता दें, कि बूथ का रंग गुलाबी होने के साथ-साथ स्कूटी और हेलमेट का रंग भी पिंक रखा गया।

पिंक बूथ खोलने के पीछे की वजह

जगह-जगह पर पिंक बूथ खुलवाने के पीछे का कारण यह था कि महिला पुलिसकर्मी लोगों के बीच रहकर महिलाओं की समस्याओं को समझ कर उसका समाधान निकालें। महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए इसे निर्मित किया गया था। इन बूथ को उन जगहों पर खासतौर से खोला गया जहां पर महिलाओं की आवाजाही ज्यादा रहती है।

इसे भी पढ़ें- आखिर क्यों इस मंदिर में पुरुषों को 16 श्रृंगार करने के बाद ही मिलता है प्रवेश?

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय भी आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही,अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो इसे शेयर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें वेबसाइट हर जिन्दगी के साथ

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है! हमारे इस रीडर सर्वे को भरने के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। इससे हमें आपकी प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। यहां क्लिक करें

Image Credit- Jagran  

 

 

 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।