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Women's Day 2024: महिलाओं की ये आम समस्याएं ले सकती हैं गंभीर रूप, न करें नजरअंदाज

महिलाएं अक्सर जिन शारीरिक बदलावों या परेशानियों को आम समझ कर चुप्पी साध लेती हैं, वो असल गंभीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में अगर समय रहते इन स्वास्थ्य समस्याओं का उचित इलाज न किया जाए तो आगे चलकर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
Editorial
Updated:- 2024-03-08, 11:39 IST

घर से लेकर बाहर तक की जिम्मेदारियां संभालती महिलाएं हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन बात जब खुद की सेहत की आती है तो अक्सर महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में बहुत सारी महिलाओं की अपनी शारीरिक दिक्कतों को औरतों की आम समस्या मान  झेलती रहती हैं, जबकि यही दिक्कतें आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का रूप लेती हैं।

देखा जाए तो हमारे समाज में महिलाओं की परवरिश इस ढंग से की जाती है कि वो अपनी समस्याओं को लेकर चुप्पी साधना ही बेहतर समझती हैं। वहीं अगर महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर बताना भी चाहें तो दूसरे लोग उन्हें औरतों की समस्या मान गंभीरता से नहीं लेते हैं। ऐसे में जागरूकता बेहद जरूरी है और हमारा यह आर्टिकल इसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास है।

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इस आर्टिकल में हम इसी बारे में बात कर रहे हैं कि महिलाएं अक्सर जिन शारीरिक बदलावों या परेशानियों को आम समझ कर चुप्पी साध लेती हैं, वो असल गंभीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। हमने इस बारे में गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. शिवानी पांडे से बात की और उनसे मिली जानकारी यहां आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

डॉ. शिवानी पांडे कहती हैं महिलाएं अक्सर अपनी समस्याओं के गंभीर रूप लेने के बाद ही डॉक्टर से संपर्क करती हैं। हमारे पास आने वाली ज्यादातर महिलाओं के साथ ये दिक्कत होती है कि वो अपनी परेशानी को लंबे समय से नजरअंदाज कर रही होती हैं। ऐसे में उनकी समस्याएं भी गंभीर रूप ले चुकी होती हैं, जिनका सामान्य इलाज करना संभव नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अक्सर सर्जरी या महंगे ट्रीटमेंट ही विकल्प के रूप में बचते हैं, जबकि इन्हीं समस्याओं की पहचान शुरुआती अवस्था में होने पर इनका आसानी से इलाज संभव है।

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चलिए अब उन समस्याओं के बारे में जान लेते हैं कि जिन्हें महिलाओं की आम मान नजरअंदाज करना बड़ी भूल साबित हो सकती है।

अनियमित पीरियड्स और हैवी ब्लीडिंग की समस्या

पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को महिलाओं की आम समस्या मान हमेशा से नजरअंदाज किया जाता रहा है। जबकि पीरियड्स में अनियमितता और हैवी ब्लीडिंग की समस्या यूटेराइन फाइब्रॉयड और प्रजनन अंगों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं या फिर पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होती है, इसे अनदेखा न करें। इस समस्या के लिए तुरंत किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें, वो आपके शारीरिक परिक्षण के आधार पर इसका उचित इलाज करेंगे।

थकान या शारीरिक कमजोरी महसूस होना

शारीरिक रूप से कमजोर मानी जाने वाली महिलाएं अक्सर अपनी थकान को शारीरिक परिस्थिति मान झेलती रहती हैं। जबकि लगातार थकान और शरीर में कमजोरी रहना थायराइड, एनीमिया, डायबिटीज और लो ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा आयरन, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के कारण भी थकान महसूस हो सकता है।

इसलिए अगर आपको लगातार थकान की समस्या बनी रहती है, तो इसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए। डॉक्टर आपके शारीरिक परीक्षण के आधार पर बता पाएंगे कि आखिर आपको किसी बीमारी के कारण थकान हो रही है या फिर पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण।

शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द होना

सेक्स के बारे में आज भी महिलाएं खुल कर बोलने से शर्माती हैं और ऐसे में सेक्स के अनुभव को किसी से जाहिर कर पाना तो और भी मुश्किल है। यही वजह है कि दर्दनाक सेक्स को झेलने के बावजूद महिलाएं इस बारे में किसी को नहीं बताती हैं, जबकि असल में यह शारीरिक समस्या हो सकती है। डॉ. शिवानी पांडे बताती हैं कि सेक्स के दौरान दर्द की समस्या, गर्भाशय फाइब्रॉएड, एंडोमेट्रियोसिस, ओवरी में सिस्ट या सूजन के कारण पेश आ सकती है। इसलिए अगर किसी महिला को सेक्स के दौरान असामान्य रूप से दर्द महसूस होता है तो उसे डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।

तनाव और मानसिक अवसाद की स्थिति

वैसे तो आज के समय में तनाव और मानसिक अवसाद जैसी समस्याएं किसी को भी हो सकती हैं, पर महिलाएं इसका अधिक शिकार बनती हैं। असल में दोहरी जिम्मेदारियों का बोझ झेलती महिलाएं कब तनाव का शिकार बन जाती हैं, उन्हें पता भी नहीं चलता है। वहीं महिलाओं में होने वाले मानसिक अवसाद को अक्सर उनकी स्वाभाविक स्थिति मान नजरअंदाज कर दिया जाता है।

Mental health issue in women

बात-बात पर मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन होना जैसी समस्याएं महिलाओं की स्वाभाविक गलती मानी जाती है, जबकि वास्तव में ये डिप्रेशन जैसी गंभीर मानसिक बीमारी का लक्षण हो सकता है। इसलिए अगर आपको बेवजह तनाव, चिंता या किसी भी तरह का मानसिक अवसाद महसूस होता है तो इसे झेलने से बेहतर होगा कि आप अपनी इस समस्या के बारे में अपने घर-परिवार में बात करें। साथ ही इस लेकर किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय रहते इस समस्या का निदान हो सके।

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