
वजाइनल लुब्रिकेशन महिला शरीर का नेचुरल प्रोसेस है, जो सेक्सुअल हेल्थ, आराम और इंफेक्शन से बचाव में अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, कई महिलाओं को हार्मोनल बदलाव, तनाव, पानी की कमी, कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट या बढ़ती उम्र के कारण वजाइनल ड्राइनेस की समस्या का सामना करना पड़ता है। वजाइनल ड्राईनेस को कम करके लुब्रिकेशन को कैसा बढ़ाया जा सकता है? इसके बारे में हमें क्लाउडनाइन हॉस्पिटल, फरीदाबाद की डॉक्टर शैली शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट गायनेकोलॉजी और एसोसिएट डायरेक्टर) बता रही हैं।
डॉक्टर के अनुसार, यह एक आम समस्या है और ज्यादातर मामलों में लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़े कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाकर इसमें काफी सुधार किया जा सकता है।

शरीर में पानी की कमी वजाइनल ड्राइनेस की प्रमुख कारणों में से एक है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर की सभी म्यूकस मेम्ब्रेन, जिनमें वजाइना भी शामिल है, हेल्दी बनी रहती हैं। रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं और कैफीन व अल्कोहल का सेवन सीमित रखें, ताकि नेचुरल लुब्रिकेशन अच्छा हो सके।
वजाइनल लुब्रिकेशन काफी हद तक हार्मोनल बैलेंस पर निर्भर करता है। एस्ट्रोजन का लेवल कम होने पर ड्राइनेस बढ़ सकती है, जो पीरियड्स के आसपास, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान या मेनोपॉज में आमतौर पर देखी जाती है। बैलेंस डाइट, पर्यापत नींद और रेगुलर एक्सरसाइज करने से हार्मोनल हेल्थ अच्छी होती है, जिससे लुब्रिकेशन में सुधार आ सकता है।

डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, जैसे अलसी के बीज, अखरोट और फैटी फिश को शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, विटामिन E और फाइटोएस्ट्रोजन से भरपूर फूड्स, जैसे सोयाबीन, तिल और हरी सब्जियां, वजाइनल टिशू की नमी बनाए रखने में मदद करते हैं। बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड और शुगर से भरपूर भोजन से बचना भी जरूरी है, क्योंकि ये हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकते हैं।
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मानसिक तनाव और चिंता का सीधा असर शरीर की नेचुरल लुब्रिकेशन प्रोसेस पर पड़ता है। योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग जैसी रिलैक्सेशन तकनीकें न सिर्फ मानसिक शांति देती हैं, बल्कि शरीर के नेचुरल फंक्शन्स को भी सपोर्ट करती हैं। इसके अलावा, पार्टनर के साथ इमोशनल जुड़ाव और पर्याप्त फोरप्ले भी प्राकृतिक लुब्रिकेशन को बढ़ाने में मददगार होता है।

वजाइना की सफाई के नाम पर जरूरत से ज्यादा केमिकल युक्त वॉश, डूशिंग या बार-बार साबुन का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। इससे वजाइना की नेचुरल नमी और pH बैलेंस बिगड़ सकता है। हल्के, बिना खुशबू वाले प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें और अनावश्यक इंटरनल क्लीनिंग से बचें।
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वजाइनल ड्राइनेस एक आम, लेकिन नजरअंदाज न की जाने वाली समस्या है। सही डाइट, तनाव को मैनेज, पर्याप्त पानी और सही इंटीमेट केयर अपनाकर बिना दवा के भी वजाइनल लुब्रिकेशन को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
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