
छोटे बच्चे बेहद ही मासूम होते हैं और बड़े होने के प्रोसेस में वह काफी कुछ नया सीखते हैं। घर से लेकर स्कूल व ट्यूशन क्लासेस तक वह कई लोगों के संपर्क में आते हैं। इसी दौरान वह कई नए शब्दों को भी जानते हैं और उनका प्रयोग करने लग जाते हैं।
चूंकि बच्चों को बड़ों की नकल करने की आदत होती है, इसलिए वह शब्दों का अर्थ समझे बिना ही उनका प्रयोग करना शुरू कर देते हैं। इसी क्रम में, कभी-कभी वह व्यस्क व्यक्त को गाली देते हुए या फिर अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए भी सुनते हैं और फिर उनका इस्तेमाल करते हैं।
यकीनन आप कभी भी बच्चों को कुछ गलत बोलते हुए नहीं सुनना चाहेंगी। अगर बच्चा आपके सामने गलत शब्द बोलता है तो शायद आपको हैरानी व दुख दोनों ही हो। ऐसे में आप बच्चे को रोकने के लिए शायद उसे डांटें या फिर मारे भी। ऐसा करने से बच्चा उस वक्त के लिए तो शांत हो जाता है, लेकिन वह अपनी इस आदत को नहीं छोड़ पाता है। उसे रोकने के लिए जरूरी है कि आप कुछ अन्य कदम उठाएं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ स्टेप्स के बारे में बता रहे हैं-
कई बार ऐसा होता है कि जब बच्चा कोई गलत शब्द इस्तेमाल करता है तो माता-पिता उसे तुरंत डांटना या ओवररिएक्ट करना शुरू कर देते हैं। लेकिन ऐसा करने से बचें। हो सकता है कि बच्चा जिस शब्द का इस्तेमाल कर रहा हो, उसे उस शब्द का वास्तविक अर्थ ही ना पता हो और ऐसे में जब आप उस पर गुस्सा करें तो उसे समझ ही ना आए कि आप इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहे हैं।(ऐसे करें बेस्ट पेरेंटिंग)
ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि आप उसे टोकें और उससे यह जानने का प्रयास करें कि उसने वह शब्द कहां सुना। साथ ही, उसे समझाएं कि जिन शब्दों का इस्तेमाल वह कर रहा है, वह बिल्कुल भी उचित नहीं है।
इसे जरूर पढ़ें-बच्चों को बैड हैबिट्स से दूर रखने के लिए भूल से भी ना करें उनके सामने ये चीजें

बच्चे का सबसे पहला स्कूल उसका घर ही होता है। कई बार हम अनजाने में बच्चे के सामने गलत शब्दों का इस्तेमाल कर बैठते हैं और फिर बच्चा भी उन शब्दों को दोहराना शुरू कर देता है। इसलिए कोशिश करें कि आप बच्चे के सामने कुछ भी बेहद सोच-समझकर ही बोलें। साथ ही, घर में कुछ अच्छे व रिस्पेक्टफुल शब्द जैसे प्लीज, थैंकयू आदि कहने की आदत डालें। इससे बच्चा भी उन्हें इस्तेमाल करेगा।(बच्चे के विकास के लिए पेरेंटिंग टिप्स)
यह एक बहुत बड़ी गलती है, जिसे अधिकतर पैरेंट्स दोहराते हैं। जब बच्चा अपनी मासूम आवाज में किसी भी तरह के गलत शब्द का प्रयोग करता है, तो वह या तो उसे अनदेखा कर देते हैं या फिर हंसकर टाल देते हैं। लेकिन ऐसा करने से उन्हें अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
याद रखें कि आपका बच्चा कैसे सीखेगा कि अगर आप ही उसे गलत व सही में फर्क करना नहीं सिखाएंगे तो! इसलिए, पहले अपने बच्चे से पूछें कि क्या वह शब्द समझता है या नहीं। यदि उत्तर “नहीं“ है, तो समझाएं कि यह शब्द आपत्तिजनक है और उसे इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

यह सच है कि आज के समय में बच्चों को बहुत कम उम्र में बहुत अधिक एक्सपोजर मिलने लगा है और इसलिए ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन दुनिया में वह काफी कुछ सीखते हैं। वह अपशब्द सीखकर उनका इस्तेमाल ना करें, इसके लिए उनके एक्सपोजर को थोड़ा सीमित करें।(पेरेंट्स की ये बातें डालती हैं बच्चे पर असर)
वह ऑफलाइन किन-किन लोगों से मिलते हैं या ऑनलाइन क्या-क्या देखते हैं, इसकी जानकारी आपको अवश्य होनी चाहिए। इससे आप बच्चे की संगत को बेहतर बना सकते हैं। वैसे भी कहते हैं ना कि जैसी संगत, वैसी रंगत।

कई बार बच्चे गुस्से में या फिर अटेंशन पाने के लिए अपशब्द बोलते हैं। ऐसे में आप अपने बच्चे के साथ बैठें और नए, गैर-आक्रामक शब्दों पर विचार करें, जिन्हें वह तब बोल सकता है, जब वह निराश, परेशान या क्रोधित महसूस करे। उसे कई तरह के अलग-अलग शब्दों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वह यह बता सके कि उसे कैसा महसूस हो रहा है। इससे उसकी डिक्शनरी भी मजबूत होगी।
इसे जरूर पढ़ें-बच्चों की 9 बुरी आदतें क्या हैं एक्सपर्ट से जानें
तो अब आप भी इन छोटे-छोटे कदमों को अपनाकर अपने बच्चे को गलत शब्द बोलने से रोकें और उसकी भाषा व व्यवहार को बेहतर बनाएं। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
Image Credit- freepik
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।