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नकली IAS बनकर झाड़ रहा था रौब, घर के बाहर लगी 'नेम प्लेट' की असलियत पहचानना है बहुत आसान

जयपुर में राहुल कौशिक नामक व्यक्ति ने खुद को नकली IAS बताकर लोगों को ठगा और पुलिस पर रौब झाड़ा। नशे में SSP को फोन करने पर उसका फर्जीवाड़ा सामने आया और वह गिरफ्तार हुआ। 
Editorial
Updated:- 2026-03-13, 16:38 IST

जयपुर में हाल ही में सामने आया फेक IAS राहुल कौशिक का मामला न केवल चौंका देने वाला है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। बता दें कि एक नेम प्लेट और रुतबे के दम पर कोई व्यक्ति तंत्र को कैसे चकमा दे सकता है, यह इस घटना से साफ पता चल जाता है। ऐसे में इस पूरे मामले को समझना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि
कि एक असली और नकली अधिकारी के बीच के फर्क को कैसे पहचाना जा सकता है और क्या है पूरा मामला? पढ़ते हैं आगे...

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि राहुल कौशिक नाम के इस व्यक्ति ने अपने घर के बाहर 'प्रमुख सचिव, IAS' की नेम प्लेट लगा रखी थी। वह न केवल आम लोगों को इस प्लेट को दिखाकर ठगता था, बल्कि पुलिस प्रशासन पर भी अपना दबदबा बनाने की कोशिश करता था।  

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उसका सच और गिरफ्तारी तब हुई जब उसने नशे की हालत में सीधे SSP को फोन किया और रौब झाड़ा। शक होने पर जब चेक किया गया, तो परतें खुलती चली गईं और उसका फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

कैसे पहचानें असली और नकली अधिकारी?

  • सरकारी घरों पर नेम प्लेट लगाने का एक खास तरीका और फॉन्ट होता है। फर्जी लोग अक्सर इसे बहुत ज्यादा तड़क-भड़क वाला या 'गोल्डन' अक्षरों में बनवाते हैं ताकि दूर से ही रौब दिखे। असली अधिकारी सादगी और निर्धारित फॉर्मेट का पालन करते हैं।

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  •  बता दें कि किसी भी सिविल सेवा अधिकारी के पास सरकार द्वारा जारी डिजिटल आई-कार्ड होता है। अगर आपको शक है, तो आप विनम्रता से उनका परिचय पूछ सकते हैं।

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  • भारत सरकार की 'Civil List' ऑनलाइन उपलब्ध है। आप संबंधित राज्य के कार्मिक विभाग (DOPT) की वेबसाइट पर जाकर उस अधिकारी का नाम, बैच और वर्तमान पोस्टिंग चेक कर सकते हैं। अगर नाम वहां नहीं है, तो समझ लीजिए दाल में कुछ काला है।
  • एक रीयल IAS अधिकारी आमतौर पर प्रोफेशनल होता है। जो व्यक्ति बात-बात पर अपनी पदवी का हवाला दे, पुलिस को धमकाए या गलत बात करे, उसके फर्जी होने की संभावना अधिक होती है।

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Images: Freepik/shutterstock

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