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Ghaziabad Passport Scam: ₹1.5 लाख में बन रहा था 'नकली पासपोर्ट', ऐसे करें असली और फर्जी की पहचान

गाजियाबाद में 1.5 लाख रुपये में नकली पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। यह लेख बताता है कि असली और नकली पासपोर्ट में अंतर कैसे करें। 
Editorial
Updated:- 2026-02-03, 14:24 IST

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक स्कैम सामने आया है। यह स्कैम पासपोर्ट से जुड़ा है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी चिंता बढ़ गई है। बता दें कि एक ग्रुप 1.5 लाख रुपये में जाली दस्तावेजों के आधार पर नकली पासपोर्ट तैयार कर रहा था। यह मामला तब खुला जब कुछ एयरपोर्ट पर इन्हें पकड़ा गया। इस घटना से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि उन आम लोगों के लिए भी ये चेतावनी है जो एजेंटों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गवा देते हैं। ऐसे में नकली पार्टपोर्ट की पहचान करनी आनी चाहिए। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि नकली पासपोर्ट की पहचान कैसे करें। पढ़ते हैं आगे...

नकली पासपोर्ट की पहचान कैसे करें?

बता दें कि असली पासपोर्ट की बाइंडिंग और सिलाई दोनों ही बहुत ही अच्छी क्वालिटी की होती है। इसमें इस्तेमाल होने वाले धागे का रंग और सिलाई का पैटर्न एक समान होता है। यदि आपको पासपोर्ट के पन्ने हिले हुए या ढीले लग रहे हैं या सिलाई टेढ़ी-मेढ़ी है, तो वह फर्जी हो सकता है। साथ ही, असली पासपोर्ट का कवर थोड़ा उभरा हुआ और गहरे रंग का होता है।

passport fake (2)

आप अपने पासपोर्ट के पन्नों को रोशनी के सामने रखें, इससे आपको हर पन्ने पर 'भारत सरकार' (Government of India) और 'ASHOKA EMBLEM' का वॉटरमार्क नजर आएगा। हालांकि, नकली पासपोर्ट में यह वॉटरमार्क या तो गायब होता है या बहुत धुंधला सा दिखाई देता है। इसके अलावा, असली पासपोर्ट में बहुत बारीक अक्षर होते हैं, जिन्हें बिना मैग्निफाइंग ग्लास के पढ़ना मुश्किल होता है, जबकि फर्जी में ये केवल काली लाइन जैसे दिखते हैं।

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पासपोर्ट के सबसे मेन पेज के नीचे दो लाइन का एक लंबा कोड लिखा होता है, जिसे MRZ कहा जाता है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे स्कैन किया जाता है। यदि यह कोड गलत तरीके से प्रिंट किया गया है या इसमें दी गई जानकारी आपके विवरण से मैच नहीं करती, तो समझ लें कि पासपोर्ट जाली है।

passport fake

असली पासपोर्ट के डेटा पेज पर एक होलोग्राम होता है, जो रोशनी में अगर हिलाया जाए तो रंग बदलता है। इशसे अलग, पासपोर्ट इंडेक्स पेज पर पासपोर्ट नंबर लेजर-कट तकनीक से बनाया जाता है, जिसे छूने पर छोटे-छोटे छेद महसूस होंगे। नकली पासपोर्ट में यह अक्सर केवल साधारण स्याही से प्रिंट किया जाता है।

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Images: Freepik/pinterest

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