
कल तक मैं एक निडर और खुली आंखों से सपने देखने वाली लड़की थी, जिसे लगता था कि दुनिया बेहद ही खूबसूरत है, लेकिन आज ये दुनिया कड़वाहट से भरी लगती है। इसके पीछे एक ऐसी घटना जिम्मेदार है, जिसने न केवल मेरा खास दिन बर्बाद किया, बल्कि समाज की सुरक्षा को लेकर मेरी सोच ही बदल दी।
बात उस सुबह की है, जो मेरी जिंदगी का बेहद खास दिन था, जिसका मैं महीनों से इंतजार कर रही थी। मेरा पहला जॉब इंटरव्यू था। मैंने अपनी सबसे अच्छी फॉर्मल ड्रेस पहनी थी। अपने हाथ में फाइल, जिसमें सारे सर्टिफिकेट्स अच्छे से लगाए थे। मन में घबराहट तो थी, लेकिन उससे कहीं ज्यादा उत्साह भी था कि आज मैं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अपना पहला कदम रखूंगी।

इंटरव्यू के लिए मौं पहली बार बस में ट्रैवल कर रही थी। बस में काफी भीड़ थी, जैसा कि अक्सर ऑफिस के समय होता है। मैं एक कोने में खड़ी होकर अपने फोन में इंटरव्यू के कुछ नोट्स देख रही थी। तभी मुझे महसूस हुआ कि पीछे खड़ा एक लड़का मेरे करीब आने की कोशिश कर रहा है। शुरुआत में मुझे लगा कि शायद भीड़ की वजह से धक्का लगा होगा, इसलिए मैंने उसे नजरअंदाज किया, लेकिन...
कुछ ही पलों में सब साफ हो गया। उस लड़के ने जानबूझकर पीछे से मेरे Hips को छुआ। वह स्पर्श सामान्य नहीं था। वह बहुत ही भद्दा और गलत इरादे से किया गया था। मेरा पूरा शरीर कांपने लगा। एक पल के लिए मेरा दिमाग भी सुन्न हो गया। मुझे समझ ही नहीं आया कि मैं क्या करूँ, चिल्लाऊं, उसे थप्पड़ मारूं या चुप रहूं? वहां मौजूद लोग काफी थे, लेकिन मैं सभी के बीच में खुद को इतना असहाय महसूस कर रही थी कि मेरी आवाज गले में ही फंस गई थी। मैं कुछ बोल ही नहीं पा रही थी।
मुझसे वहां एक पल भी खड़ा नहीं रहा गया। घबराहट के मारे मैंने अगले ही स्टैंड पर बस रुकवाई और नीचे उतर गई। मुझे लगा कि बस से उतरते ही मैं सुरक्षित हो जाऊंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जैसे ही मैं बस स्टैंड के पास खड़ी होकर खुद को संभालने की कोशिश करने लगी, मैंने देखा कि वह लड़का भी उसी स्टैंड पर उतर गया था। मैं बहुत घबरा गई।
वह धीरे-धीरे मेरी ओर बढ़ने लगा। मेरा दिल इतनी जोर से धड़क रहा था कि मुझे अपनी ही धड़कनें सुनाई दे रही थीं। मैं बस स्टैंड के पीछे एक खंभे की ओट में छिपने की कोशिश करने लगी, ताकि वह मुझे देख न सके। मैं बस यही सोच रही थी कि कोई और बस आ जाए या वह वहां से चला जाए।

उस वक्त मेरे दिमाग से इंटरव्यू की सारी बातें निकल चुकी थीं। मुझे वह नौकरी, वह करियर, कुछ भी याद नहीं था। मेरे लिए उस पल सिर्फ अपनी गरिमा और सुरक्षा बचाना सबसे जरूरी था। जब मुझे लगा कि वह मुझे ढूंढ रहा है, तो मैंने बिना देर किए एक ऑटो रिक्शा रोका और सीधे वापस अपने घर की ओर चल दी।
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