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Aap Beeti:‘वो लगातार मेरे हिप्‍स पर अपना प्राइवेट पार्ट...’,मेट्रो में महिला के साथ हुई शर्मनाक हरकत, कहानी सुन सिहर जाएंगी आप, जानें Sexual Assault होने पर क्या करना चहिए?

मेट्रो में महिला के साथ हुई Sexual Assault की सच्ची आपबीती झकझोर देने वाली है। भीड़ का फायदा उठाकर कैसे एक शख्स ने महिला को प्रताड़ित किया, पढ़ें यह डरावनी कहानी। साथ ही जानें कि मेट्रो या किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में Sexual Assault होने पर क्या करना चाहिए। 
Editorial
Updated:- 2026-01-28, 21:05 IST

दिल्‍ली के मयूर विहार फेज-1 से नोएडा सेक्‍टर-16 का सफर मैं बीते 5 साल से रोजाना कर रही हूं। घर से ऑफिस और ऑफिस से घर पहुंचने के लिए मुझे मात्र 10 से 15 मिनट ही लगते हैं। उस दिन भी मैं ऑफिस ही जा रही थी। मेट्रो में बहुत ज्‍यादा भीड़ थी, मैं पहले ही 2 मेट्रो छोड़ चुकी थी। ऑफिस के लिए लेट हो रही थी, इसलिए तीसरी मेट्रो में जैसे-तैसे खुद को अंदर ढकेला और गेट की तरफ मुहं करके खड़ी हो गई।

लगभग 3 स्‍टेशन बाद ही नोएडा सेक्‍टर-16 का मेट्रो स्‍टेशन आ जाता है, मगर दरवाजे दूसरी तरफ खुलते हैं, इसलिए मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि कैसे इतनी भीड़ में पीछे मुड़कर दूसरी तरफ के गेट तक जाऊं। इतनी ही देर में जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं अंदर तक दहल गई।

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'मेरे हिप्‍स को वो टच कर रहा था...'

मेट्रो में वीक डेज में लगभग हर सुबह बहुत भीड़ होती है, मगर उस दिन मंडे था, इसलिए कुछ ज्‍यादा ही भीड़ थी। लोग मेट्रो कंपार्टमेंट्स के अंदर इस कदर ठुसे हुए थे, जैसे पिंजड़े में भेड़-बकरियों को बंद कर दिया जाता है। ऑफिस जाना था, तो मैं भी मेट्रो के अंदर जैसे-तैसे घुस गई और दरवाजे के पास कोने में खड़ी हो गई। मेरे पीछे या बगल में कौन खड़ा यह तक मैंने नहीं देखा। सोच ही रही थी कि 3 स्‍टेशन बाद मुझे पीछे वाले दरवाजे से उतरना है, कैसे वहां तक पहुंच पाउंगी। सोच ही रही थी कि मुझे अपने हिप्‍स पर कुछ कड़ा-कड़ा सा महसूस हुआ। मुझे लगा किसी का बैग शायद लग रहा होगा, मगर साथ ही साथ मैं एक मूवमेंट भी महसूस कर रही थी, जो मुझे थोड़ा चिंताजनक लगा। जब मुझे बहुत ज्‍यादा असहज लगने लगा, तब मैंने अपने हाथ पीछे और उस कड़ी चीज को हटाने का प्रयास किया।

हाथ में वह कड़ी चीज टच होते ही मैं दंग रह गई। भीड़ का फायदा उठाते हुए एक आदमी अपना प्राइवेट पार्ट मेरे हिप्‍स पर लगा रहा था। मैं उस वक्‍त कुछ नहीं सोच-समझ पा रही थी। इतनी हिम्‍मत भी नहीं हो पा रही थी कि मैं पीछे मुड़कर उस आदमी को देखूं।

'वो माना नहीं और कान में अश्‍लील...'

वो आदमी जब यह समझ गया कि मैं उसकी इस गंदी हरकत को महसूस कर पा रही हूं, तो पीछे हटने की जगह वो मेरे कान में अश्‍लील गाना गाने लगा। नोएडा सेक्‍टर- 16 मेट्रो स्‍टेशन पास ही आ रहा था। मैंने सोच लिया था, उतरने से पहले उसके मुंह पर जोर से तमाचा मारुंगी, मगर मेरे स्‍टेशन से पहले ही वह उतर गया और मैं कुछ नहीं कर पाई। इस बात का मलाल मुझे आजतक है कि मैंने उसे मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया। मगर मैं करती भी क्‍या, कैसे प्रूव करती कि वह मेरे साथ क्‍या कर रहा है। मेरे मन में उस वक्‍त बहुत सारे ख्‍याल कौंधने लगे थे। इस शर्मनाक घटना को मैं आज तक नहीं भूल पाई।

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Sexual Assault होने पर क्या करना चाहिए?

  • मेट्रो में Sexual Assault होने की दशा में आप मेट्रो पुलिस को कंप्‍लेन कर सकती हैं, मगर सबसे पहले आपको मेट्रो के गेट के पास ऊपर की ओर लगे बटन को दबाकर अपनी आप-बीती मेट्रो चालकों बतानी चाहिए। आपको बता दें कि ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है ताकि बिना किसी रुकावट और लड़ाई-झगड़े के मेट्रो चालक मेट्रो पुलिस को कॉल करके मंचले को उनके हवाले कर देंगे। हालांकि, इसमें थोड़ा वक्‍त लग सकता है, मगर इन मामलों में डर ने की जगह आपको हिम्‍मत से काम लेना है और अपराधी को सजा दिलानी है। अगर हम हमेशा चुप बैठ जाएंगे तो शयाद यह अपराध कभी थमने का नाम नहीं लेंगे।
  • इसके अलावा आप वुमन हेल्‍प लाइन नंबर 181 पर भी कॉल कर सकती हैं। यह नंबर 24 घंटे एक्टिव रहता है और इससे भी आपको त्‍वरित मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं, आप 1090 नंबर पर भी कॉल कर सकती हैं । यह एक अत्याधुनिक शिकायत निवारण कॉल सेंटर है, जिसे महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़छाड़, उत्पीड़न, स्टॉकिंग, मानसिक या शारीरिक हिंसा जैसे मामलों में तुरंत मदद देने के लिए बनाया गया है। इस हेल्पलाइन पर कॉल करके महिलाएं गोपनीय तरीके से अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
  • 112 एक आपातकालीन नंबर है। यदि आप किसी भी मुसीबत में फंस गई हैं, तो आप इस नंबर के जरिए पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी विभिन्न आपात सेवाओं से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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मेट्रो या किसी भी पब्लिक कनवेंस में Sexual Assault जैसी घटनाएं केवल एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती हैं। भीड़, डर और शर्म की वजह से अक्सर महिलाएं चुप रह जाती हैं, लेकिन यही चुप्पी अपराधियों का हौसला बढ़ाती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क और साहसी होना बेहद जरूरी है। तुरंत मदद के लिए मेट्रो स्टाफ, मेट्रो पुलिस और हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें, दोषी आप नहीं बल्कि अपराधी है। आपकी आवाज न सिर्फ आपको न्याय दिला सकती है, बल्कि भविष्य में किसी और महिला को इस दर्दनाक अनुभव से बचा सकती है।

यह लेख आपको कैसा लगा हमें जरूर बताएं। अगर आपकी भी कोई आप बीती है, तो हम उसे 'Safety On Wheels' कैंपेन के माध्‍यम से लोगों को बताएंगे और उसका समाधान किसी एक्‍सपर्ट से पूछेंगे। आप हमें [email protected] पर अपनी आप-बीती लिखकर भेज सकती हैं।

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