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Aap Beeti: 'मैं खड़ी थी और उसने मुझे देखकर अपनी जिप खोली और ...' खचाखच भरी मुंबई लोकल में मेरे साथ हुआ कुछ ऐसा

मुंबई की 25 वर्षीय ज्योति ने लोकल ट्रेन में अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की आपबीती शेयर की है। दादर से चरनी रोड जाते समय खाली लेडीज फर्स्ट क्लास डिब्बे में एक व्यक्ति घुस आया और ट्रेन रुकने पर उसके सामने अश्लील हरकत की। यहां पढ़ें पूरी घटना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी हेल्पलाइन नंबर और जानें अपने कानूनी अधिकार।
Editorial
Updated:- 2026-01-29, 17:32 IST

मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में सफर करना लाखों महिलाओं की रूटीन का हिस्सा है। लेकिन एक 25 वर्षीय ज्‍योति के लिए यह सफर एक कभी न भूलने वाले बुरे सपने में तब्दील हो गया। यह घटना पश्चिमी रेलवे लाइन पर उस समय हुई, जिसे हम सबसे सुरक्षित मानते हैं यानी भरी दोपहर।

ज्‍योति दादर से चर्नी रोड जाने के लिए लेडीज फर्स्ट क्लास डिब्बे में सवार हुई थी। दोपहर का समय होने के कारण डिब्बा खाली था और वह अकेली सफर कर रही थी। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनट उसकी पूरी जिंदगी के सबसे डरावने पल होने वाले हैं।

जब 'चूक' बन गई सोची-समझी साजिश

जैसे ही ट्रेन ग्रांट रोड स्टेशन पहुंची और चलने को हुई, तभी आखिरी चंद सेकंड में एक व्यक्ति फुर्ती से लेडीज डिब्बे के भीतर घुस आया। शुरुआत में उसने ऐसा नाटक किया जैसे वह हड़बड़ी में गलती से गलत डिब्बे में चढ़ गया हो। ज्‍योति ने भी मानवता के नाते इसे अनजाने में हुई मानवीय चूक समझा और यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया कि शायद अगले स्टेशन पर वह उतर जाएगा।

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सन्नाटा और वह घिनौनी हरकत

खौफ का असली मंजर तब शुरू हुआ जब ट्रेन सिग्नल की वजह से दो स्टेशनों के बीच ट्रैक पर रुक गई। सन्नाटे का फायदा उठाते हुए, उस व्यक्ति ने महिला का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए अचानक अजीब आवाजें निकालना और चिल्लाना शुरू कर दिया।

जैसे ही महिला ने घबराकर ऊपर देखा, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह व्यक्ति सरेआम मास्‍टरबेट कर रहा था और उसकी आंखों में जरा भी खौफ नहीं था; वह सीधे महिला की आंखों में घूरते हुए इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था।

मेरा दिमाग हो गया था सुन्न

अपनी इस असहनीय पीड़ा को बयां करते हुए महिला ने बताया, "उस पल मैं पूरी तरह सुन्न पड़ गई थी। मेरे शरीर ने जैसे काम करना बंद कर दिया था। न मैं हिल पा रही थी, न ही चिल्लाकर मदद मांग पा रही थी। मेरा दिमाग यह मानने को तैयार ही नहीं था कि दिन के उजाले में, बीच शहर में मेरे साथ ऐसा कुछ हो सकता है।"

महिला ने आगे बताया कि उस व्यक्ति के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था, बल्कि एक अजीब सी सनक थी। यह घटना साबित करती है कि अपराधियों के मन से कानून का डर किस कदर खत्म होता जा रहा है। भले ही वह शारीरिक रूप से सुरक्षित बच गई, लेकिन इस घटना ने उसकी मानसिक शांति और शहर की सुरक्षा पर भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है।

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स्टेशन पहुंचने के बाद क्या हुआ?

ट्रेन जब स्टेशन पहुंची, तब वह महिला केवल वहां से भागना चाहती थी। स्टेशन पर उसे दो पुलिसकर्मी दिखे, लेकिन सदमे के कारण वह बोल नहीं पाई। उसने बस ट्रेन की तरफ इशारा किया और वहां से चली गई। बाद में बाहर निकलकर वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसे इस बात का पछतावा हुआ कि उसने पुलिस को पूरी बात क्यों नहीं बताई।

खुद को कसूरवार मानना

ज्यादातर पीड़ितों की तरह, वह भी खुद को दोषी मान रही थी। उसने कहा, "मैं हमेशा खुद को मजबूत मानती थी, लेकिन उस वक्त मैं एक डरे हुए बच्चे की तरह बैठी रही। काश! मैं चिल्लाई होती या उसे थप्पड़ मारा होता।" एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि डर के मारे 'सुन्न पड़ जाना' नेचुरल प्रतिक्रिया है और अपराधी इसी खामोशी का फायदा उठाते हैं।

ट्रेवल के दौरान यौन उत्पीड़न हो तो क्या करें?

अगर आपके साथ कभी ऐसा हो, तो तुरंत ये कदम उठाएं।

  • किसी भी तरह के उत्पीड़न की रिपोर्ट करने के लिए तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 नंबर पर कॉल करें।
  • नजदीकी जीआरपी (GRP) या मुंबई पुलिस के जवानों के पास जाएं।
  • आप मुंबई पुलिस की वेबसाइट पर जाकर डिजिटल शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
  • विवरण नोट करें। ट्रेन का समय, कोच का प्रकार, स्टेशन और अपराधी का हुलिया याद रखने की कोशिश करें।

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जरूरी हेल्पलाइन नंबर्स (Women’s Helpline Numbers)

  • महिला हेल्पलाइन: 1091
  • रेलवे हेल्पलाइन: 139

इन नंबरों को अपने फोन में जरूर सेव करें।

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एक महिला यात्री के रूप में आपके अधिकार

भारतीय कानून के तहत अश्लील हरकतें और यौन उत्पीड़न दंडनीय अपराध हैं। आपके पास ये अधिकार हैं।

  • बिना किसी दबाव के FIR दर्ज कराना।
  • यदि आप चाहें, तो महिला पुलिस अधिकारी से ही बात करना।
  • रेलवे प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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महिलाओं को बिना किसी डर के यात्रा करने का हक है। जब तक यह हकीकत नहीं बनता, तब तक हमें सतर्क रहना होगा और अपनी आवाज उठानी होगी। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: Shutterstock 

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