aaj ka suvichar 01 jan 2026

Aaj Ka Suvichar O1 Jan 2026: खुद को बुद्धिमान समझते हैं? श्री श्री रवि शंकर का आज का सुविचार जरूर पढ़ें

श्री श्री रवि शंकर ने 1 जनवरी 2026 के सुविचार में बताया कि सच्ची बुद्धिमत्ता दूसरों की गलतियों से सीखने में है, न कि किताबी ज्ञान में। उन्होंने सीखने वालों को परम बुद्धिमान, साधारण बुद्धिमान और मूर्ख में बांटा है। यह विचार अहंकार त्यागकर दूसरों की सीख अपनाने, सीखने की प्रक्रिया को तेज करने और 2026 में आत्म-मंथन के लिए प्रेरित करता है, जिससे मानसिक कष्टों से बचा जा सके।
Editorial
Updated:- 2026-01-01, 07:30 IST

अगर दिन की शुरुआत प्रेरणादायक विचारों के साथ हो, तो सोच सकारात्मक रहती है और पूरा दिन ऊर्जा से आगे बढ़ता है। ऐसे विचार मन को प्रेरित करते हैं और निर्णयों, व्यवहार और काम करने के तरीके को भी सही दिशा देते हैं। इसीलिए हम रोज आपके लिए आज का सुविचार लेकर आते हैं, ताकि आप हर सुबह खुद को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा सकें और दिन की शुरुआत साफ सोच के साथ हो।

नए साल 2026 के पहले दिन, यानी 1 जनवरी, के आज के सुविचार में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर जी हमें बुद्धिमत्ता और सीखने की प्रक्रिया की एक ऐसी गहरी परिभाषा समझा रहे हैं, जो सिर्फ विचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के जीवन, फैसलों और भविष्य की दिशा से सीधे जुड़ी हुई है। यह सुविचार हमें समझने की प्रेरणा देता है कि सच्ची समझ और बुद्धिमत्ता कैसे विकसित की जा सकती है।

आज का सुविचार

aaj ka suvichar 01 Jan 2025 for motivation

गुरुदेव के इस सुविचार का अर्थ यह है कि सच्ची बुद्धिमत्ता सिर्फ किताबी ज्ञान इकट्ठा करने में नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता में होती है। जीवन इतना लंबा नहीं है कि हम हर गलती खुद करें और फिर इससे सीखें। जो व्यक्ति दूसरों के कड़वे अनुभवों और ठोकरों से सीख लेता है, वह न सिर्फ अपना कीमती समय और ऊर्जा बचाता है, बल्कि मानसिक कष्टों से भी बच जाता है जो अनजाने में की गई गलतियों से मिलते हैं।

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सीखने की तीन केटेगरी कौन सी हैं?

गुरुदेव इस विचार को तीन हिस्‍सों में बांटते हैं, जो हमें आत्म-चिंतन के लिए इंस्‍पायर करती हैं।

  • परम बुद्धिमान- ऐसे लोग जो दूसरों के इतिहास और गलतियों को अपनी 'केस स्टडी' बनाते हैं। वह दूसरों की हार से अपनी जीत का रास्ता निकालते हैं।
  • साधारण बुद्धिमान- ऐसे लोग जो ठोकर खाने के बाद संभलते हैं। हालांकि, वह सीखते हैं, लेकिन इसकी कीमत उन्‍हें अपने नुकसान से चुकानी पड़ती है।
  • मूर्ख- ऐसे लोग जो जागरूकता के अभाव में एक ही चक्र में फंसे रहते हैं। अहंकार और लापरवाही के कारण वह बार-बार वही गलती दोहराते हैं और अंत में दुख के सागर में डूबे रहते हैं।

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2026 की नई शुरुआत कैसे करें?

यह विचार हमें इंस्‍पायर करता है कि हम अपने अहंकार को त्याग कर विनम्र बनें। जब हम दूसरों की सीख को अपनाते हैं, तब हमारा 'लर्निंग कर्व' छोटा हो जाता है और सफलता की रफ्तार तेज हो जाती है। 2026 का यह शुरुआती समय आत्म-मंथन का है।

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