herzindagi
aaj ka suvichar 29 jan 2026

Aaj Ka Suvichar 29 Jan 2026: असली सौंदर्य की तलाश में है? आज सुविचार से खूबसूरती का अनकहा रहस्य जानें

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के अनुसार, वास्तविक सौंदर्य तब प्रकट होता है जब मन केंद्रित और सत्य के साथ हो, जैसे एक शिशु का। यह वर्तमान में जीने, बनावटीपन छोड़ने और आंतरिक शांति से आता है। मेडिटेशन मन को शांत कर क्रोध, ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावों को मिटाता है, जिससे सच्ची सुंदरता भीतर से उजागर होती है। बाहरी दिखावे की बजाय आंतरिक शांति पर ध्यान केंद्रित करें।
Editorial
Updated:- 2026-01-29, 08:02 IST

अक्सर हम सुंदरता को केवल चेहरे की बनावट और चमक-दमक से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि एक छोटा सा बच्चा बिना किसी बनावट के इतना सुंदर क्यों लगता है? आज के सुविचार में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर हमें असली सुंदरता की इस परिभाषा से रूबरू करा रहे हैं, जो सीधे हमारे मन और आत्मा से जुड़ी है।

आज का सुविचार

aaj ka suvichar 29

''वास्तविक सौंदर्य तब है, जब आप केंद्रित हों, जब आपका मन सत्य के साथ हो। प्रत्येक शिशु इसी कारण सुंदर होता है, क्योंकि वह केंद्रित होता है।''
-गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर

असली सुंदरता का आधार

गुरुदेव कहते हैं कि वास्तविक सौंदर्य तब प्रकट होता है जब आप 'केंद्रित' होते हैं। हमारा मन अक्सर दो दिशाओं में भागता है या तो बीते हुए कल के पछतावे में या आने वाले कल की चिंता में। जब मन इस तरह भटका हुआ होता है, तब व्यक्ति भीतर से अशांत रहता है। ऐसी स्थिति में चाहे बाहरी मेकअप कितना भी कर लिया जाए, चेहरे पर वह नूर नहीं आता। असली खूबसूरती तब दिखती है जब मन वर्तमान में स्थिर हो और पूरी तरह शांत हो।

वर्तमान में जीना

एक नवजात शिशु कभी सुंदर दिखने की कोशिश नहीं करता, न ही उसे इस बात की चिंता होती है कि लोग उसके बारे में क्या सोचेंगे। फिर भी, वह सभी को आकर्षित करता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उसका मन पूरी तरह केंद्रित होता है। वह न कल का बोझ उठाता है और न आने वाले समय की चिंता करता है। उसकी निर्दोषता और वर्तमान में रहने की कला ही उसे दुनिया में सबसे सुंदर बनाती है।

यह भी पढ़ें- दर्द-ए-दिल का हाल बयां करने के लिए नहीं मिलेंगी इससे बेहतर शायरी, इन्हें भेजकर जाहिर करें अपना हाल

बनावटीपन छोड़ें, सहज बनें

आज की दुनिया में हम अक्सर दूसरों को दिखाने के लिए मुखौटा पहने रहते हैं। गुरुदेव के अनुसार, जब व्यक्ति बनावटीपन छोड़ देता है और खुद को वैसा ही स्वीकार कर लेता है जैसा वह है, तब उसके अंदर से सहज प्रकाश निकलता है। यही वह आंतरिक चमक है, जिसे दूसरे लोग 'खूबसूरती' के रूप में महसूस करते हैं।

मेडिटेशन

नियमित मेडिटेशन करने से मन शांत होता है और यह आपके सौंदर्य के लिए भी जरूरी है। जब हम ध्यान करते हैं, तब मन की चंचलता कम होती है और हम अपने 'केंद्र' में लौटते हैं। जैसे-जैसे मन केंद्र में आता है, क्रोध, ईर्ष्या और भय जैसे नकारात्मक भाव मिटने लगते हैं। इस शांति से जो मुस्कान और करुणा जन्म लेती है, वही आपको वास्तव में सुंदर बनाती है।

यह भी पढ़ें- सफलता की बधाई इन शानदार और बेहतरीन मैसेज के माध्यम से आप भी दीजिए

यदि आप वाकई सुंदर दिखना चाहते हैं, तो बाहर नहीं, अपने अंदर झांकें। जब आपका मन सत्य के साथ और वर्तमान में होगा, तब आपका जीवन भी एक शिशु की निश्छल मुस्कान की तरह सुंदर बन जाएगा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।