
ज्यादातर लोग शुगरी ड्रिंक जैसे सॉफ्ट ड्रिंक, पैक्ड जूस और फ्लेवर्ड बेवरेज को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानते हैं। कुछ लोगों को इसे लंच के साथ या शाम की थकान में पीने से तुरंत ताजगी और एनर्जी का एहसास होता है, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे सेहत के लिए खतरा बन सकती है।
नई रिसर्च बताती है कि रोज सिर्फ एक शुगरी ड्रिंक पीना भी लंबे समय में लिवर पर एक्सट्रा प्रेशर डालता है और फैटी लिवर, सूजन और लिवर से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि लोग इसे हानिकारक मानने के बजाय सॉफ्ट और सेफ विकल्प समझ लेते हैं। आखिर शुगरी ड्रिंक लिवर को कैसे नुकसान पहुंचाती हैं और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इस पर सर्जन-जेरॉन्टोलॉजिस्ट व लिवर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉक्टर फरमान अली विस्तार से रोशनी डाल रहे हैं।
शुगरी ड्रिंक्स में एक्स्ट्रा शुगर, खासकर फ्रक्टोज होती है। यह शुगर शरीर में जाने के बाद सीधे लिवर द्वारा प्रोसेस की जाती है। जब लिवर को बार-बार ज्यादा शुगर मिलती है, तब वह इसे चर्बी में बदलने लगता है। धीरे-धीरे यह फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है। इस कंडीशन को MASLD (मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज) या NAFLD (नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज) कहते हैं। आज यह बीमारी दुनिया भर में वयस्कों में लिवर की सबसे पुरानी समस्याओं में से एक बन चुकी है।

अध्ययनों के अनुसार, जो लोग रोज मीठा ड्रिंक पीते हैं, उनमें फैटी लिवर होने का खतरा ऐसे लोगों की तुलना में काफी ज्यादा होता है, जो इसे कभी-कभार पीते हैं। कुछ बड़े शोधों में पाया गया कि रोज पीने वालों में करीब 50% तक खतरा ज्यादा था, भले ही मात्रा एक छोटे कैन (250 ml) से भी कम हो।
एक बड़े अध्ययन (Women’s Health Initiative) में करीब 1 लाख महिलाओं को 21 साल तक फॉलो किया गया। जो महिलाएं रोज एक या इससे ज्यादा मीठे ड्रिंक पीती थीं, उनमें लिवर कैंसर का खतरा लगभग 85% ज्यादा क्रॉनिक लिवर डिजीज से मौत का खतरा करीब 68% अधिक पाया गया। यह नतीजे उम्र, लाइफस्टाइल और दूसरी बीमारियों को ध्यान में रखने के बाद भी सामने आए, जिससे इसका संबंध और मजबूत हो जाता है।
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यह कहना सही नहीं होगा कि रोज एक सोडा सीधे लिवर को नुकसान पहुंचता है, क्योंकि ज्यादातर शोध ऑब्जर्वेशनल हैं। लेकिन अलग-अलग अध्ययनों में बार-बार एक जैसा रिजल्ट और इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण यह बताता है कि शुगरी ड्रिंक्स को सीमित मात्रा में लेना बेहद जरूरी है।

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