
हर नया साल लोगों के लिए एक नई शुरुआत जैसा होता है। इस समय लोग अपने जीवन, आदतों और सोच को बदलने के संकल्प लेते हैं। नया साल उम्मीद जगाता है कि हम अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं और अच्छा जीवन जी सकते हैं।
न्यू ईयर रेजोल्यूशन का मतलब खुद को बेहतर बनाना होता है। इनमें सबसे ज्यादा लोग सेहत और फिटनेस से जुड़े संकल्प लेते हैं, क्योंकि अच्छी सेहत से ही खुशहाल और सफल जीवन संभव है। लोग एक्सरसाइज, डाइट, तनाव कम करने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने का फैसला करते हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि फिट रहने के लिए सबसे पहले खुशी को चुनना जरूरी है?
हैप्पीनेस एंबेसडर HaPPy AiR-Atman Ravi के अनुसार, खुशी सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि चेतन चुनाव है। जब इंसान खुशी चुनता है, तब वह शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से ज्यादा स्वस्थ रहता है।
View this post on Instagram
जब आप खुश और सकारात्मक रहते हैं, तब शरीर में तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन कॉर्टिसोल कम होता है और खुशी देने वाले हार्मोन जैसे सेरोटोनिन, डोपामिन, एंडोर्फिन और ऑक्सिटोसिन बढ़ते हैं। इससे आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।
खुश लोग बेहतर नींद लेते हैं, जल्दी ठीक होते हैं और हेल्दी आदतें आसानी से अपनाते हैं। खुशी चिंता और डिप्रेशन को भी कम करती है, जिससे जीवन लंबा और संतुलित बनता है।
यह भी पढ़ें- तनाव में क्यों होने लगती है गैस, कब्ज और एसिडिटी? एक्सपर्ट से समझें पूरा कारण
कहा जाता है कि पेट हमारी मन की स्थिति को दर्शाता है। जब हम डर, गुस्सा, चिंता या उदासी में रहते हैं, तब पाचन कमजोर हो जाता है। दूसरी ओर शांति, कृतज्ञता और विश्वास जैसी सकारात्मक भावनाएं पाचन शक्ति को मजबूत करती हैं। इससे शरीर पोषण को अच्छे से कर पाता है और शरीर-मन-आत्मा में संतुलन बना रहता है।

खुशी जीवन के तीन P देती है,
ये तीनों मिलकर नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं, तनाव कम करते हैं इम्यूनिटी, दिल की सेहत और पाचन सुधारते हैं, नींद बेहतर बनाते हैं, जो लोग अंदर से संतुलित होते हैं, वे जल्दी ठीक होते हैं और सही फैसले लेते हैं।
अक्सर देखा गया है कि खुश लोग कम बीमार होते हैं, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है और वे जल्दी रिकवर करते हैं। हालांकि, कुछ खुश लोग गंभीर बीमारियों से भी गुजरते हैं, लेकिन अगर वे आध्यात्मिक रूप से जागरूक हों, तो वे सिर्फ शारीरिक दर्द महसूस करते हैं, मानसिक दुख नहीं। उन्हें खुशी अंदर से मजबूत बनाती है।
खुशी शरीर की हीलिंग प्रोसेस को सपोर्ट करती है। यह तनाव कम करके इम्यूनिटी बढ़ाती है और शरीर को खुद को ठीक करने में मदद करती है। हालांकि, यह इलाज का विकल्प नहीं है, लेकिन खुशी इलाज के असर को जरूर बेहतर बनाती है।
यह भी पढ़ें- फिटनेस कोच ने बताया 3 महीने में दुबले होने का फार्मूला, वजन घटाने में काम आएंगे ये 5 टिप्स
2026 में फिट और हेल्दी रहना है, तो सबसे पहले खुशी को चुनें। जब मन खुश होता है, तभी शरीर सच में हेल्दी रहता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।